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11 | show | Total | ||||
6 | show | DEVANAGARI LETTER DDA + DEVANAGARI VOWEL SIGN E + DEVANAGARI SIGN NUKTA → DEVANAGARI LETTER DDA + DEVANAGARI SIGN NUKTA + DEVANAGARI VOWEL SIGN E | ||||
2 | show | DEVANAGARI LETTER DDHA + DEVANAGARI VOWEL SIGN I + DEVANAGARI SIGN NUKTA → DEVANAGARI LETTER DDHA + DEVANAGARI SIGN NUKTA + DEVANAGARI VOWEL SIGN I | ||||
2 | show | DEVANAGARI LETTER DDHA + DEVANAGARI VOWEL SIGN E + DEVANAGARI SIGN NUKTA → DEVANAGARI LETTER DDHA + DEVANAGARI SIGN NUKTA + DEVANAGARI VOWEL SIGN E | ||||
1 | show | COMMA + COMMA → COMMA |
orig: | तब वह ढूँढ़ने लगा, और बडे़ के बोरे से लेकर छोटे के बोरे तक खोज की: और कटोरा बिन्यामीन के बोरे में मिला। |
wb+: | तब वह ढूँढ़ने लगा, और बड़े के बोरे से लेकर छोटे के बोरे तक खोज की: और कटोरा बिन्यामीन के बोरे में मिला। |
orig: | जब यूसुफ के भाइयों ने देखा कि हमारा पिता मर गया है, तब कहने लगे, “कदाचित् यूसुफ अब हमारे पीछे पडे़, और जितनी बुराई हमने उससे की थी सब का पूरा बदला हम से ले।” |
wb+: | जब यूसुफ के भाइयों ने देखा कि हमारा पिता मर गया है, तब कहने लगे, “कदाचित् यूसुफ अब हमारे पीछे पड़े, और जितनी बुराई हमने उससे की थी सब का पूरा बदला हम से ले।” |
orig: | वह तवे पर तेल के साथ पकाया जाए; जब वह तेल से तर हो जाए तब उसे ले आना, इस अन्नबलि के पके हुए टुकडे़ यहोवा के सुखदायक सुगन्ध के लिये चढ़ाना। |
wb+: | वह तवे पर तेल के साथ पकाया जाए; जब वह तेल से तर हो जाए तब उसे ले आना, इस अन्नबलि के पके हुए टुकड़े यहोवा के सुखदायक सुगन्ध के लिये चढ़ाना। |
orig: | और उसके घड़ों से जल उमण्डा करेगा, और उसका बीज बहुत से जलभरे खेतों में पडे़गा, और उसका राजा अगाग से भी महान होगा, और उसका राज्य बढ़ता ही जाएगा। |
wb+: | और उसके घड़ों से जल उमण्डा करेगा, और उसका बीज बहुत से जलभरे खेतों में पड़ेगा, और उसका राजा अगाग से भी महान होगा, और उसका राज्य बढ़ता ही जाएगा। |
orig: | वरन् उनके क्या छोटे, क्या बडे़, क्या बेटे, क्या बेटियाँ, क्या लूट का माल, सब कुछ जो अमालेकी ले गए थे, उसमें से कोई वस्तु न रही जो उनको न मिली हो; क्योंकि दाऊद सब का सब लौटा लाया। |
wb+: | वरन् उनके क्या छोटे, क्या बड़े, क्या बेटे, क्या बेटियाँ, क्या लूट का माल, सब कुछ जो अमालेकी ले गए थे, उसमें से कोई वस्तु न रही जो उनको न मिली हो; क्योंकि दाऊद सब का सब लौटा लाया। |
orig: | और दाऊद का हेब्रोन में यहूदा के घराने पर राज्य करने का समय साढे़ सात वर्ष था। |
wb+: | और दाऊद का हेब्रोन में यहूदा के घराने पर राज्य करने का समय साढ़े सात वर्ष था। |
orig: | तब कुछ लोगों ने जाकर दाऊद को बता दिया कि उन पुरुषों के साथ कैसा बर्ताव किया गया, अतः: उसने लोगों को उनसे मिलने के लिये भेजा क्योंकि वे पुरुष बहुत लज्जित थे, और राजा ने कहा, “जब तक तुम्हारी दाढि़याँ बढ़ न जाएँ, तब तक यरीहो में ठहरे रहो, और बाद को लौट आना।” |
wb+: | तब कुछ लोगों ने जाकर दाऊद को बता दिया कि उन पुरुषों के साथ कैसा बर्ताव किया गया, अतः: उसने लोगों को उनसे मिलने के लिये भेजा क्योंकि वे पुरुष बहुत लज्जित थे, और राजा ने कहा, “जब तक तुम्हारी दाढ़ियाँ बढ़ न जाएँ, तब तक यरीहो में ठहरे रहो, और बाद को लौट आना।” |
orig: | दुष्टों की विजय क्षणभर का होता है,, और भक्तिहीनों का आनन्द पल भर का होता है? |
wb+: | दुष्टों की विजय क्षणभर का होता है, और भक्तिहीनों का आनन्द पल भर का होता है? |
orig: | तेरा राज्य युग-युग का और तेरी प्रभुता सब पीढि़यों तक बनी रहेगी। |
wb+: | तेरा राज्य युग-युग का और तेरी प्रभुता सब पीढ़ियों तक बनी रहेगी। |
orig: | उसी प्रकार अश्शूर का राजा मिस्री और कूश के लोगों को बन्दी बनाकर देश-निकाला करेगा, क्या लड़के क्या बूढे़, सभी को बन्दी बनाकर उघाड़े और नंगे पाँव और नितम्ब खुले ले जाएगा, जिससे मिस्र लज्जित हो। |
wb+: | उसी प्रकार अश्शूर का राजा मिस्री और कूश के लोगों को बन्दी बनाकर देश-निकाला करेगा, क्या लड़के क्या बूढ़े, सभी को बन्दी बनाकर उघाड़े और नंगे पाँव और नितम्ब खुले ले जाएगा, जिससे मिस्र लज्जित हो। |
orig: | इससे उस बड़े नगर के तीन टुकडे़ हो गए, और जाति-जाति के नगर गिर पड़े, और बड़े बाबेल का स्मरण परमेश्वर के यहाँ हुआ, कि वह अपने क्रोध की जलजलाहट की मदिरा उसे पिलाए। |
wb+: | इससे उस बड़े नगर के तीन टुकड़े हो गए, और जाति-जाति के नगर गिर पड़े, और बड़े बाबेल का स्मरण परमेश्वर के यहाँ हुआ, कि वह अपने क्रोध की जलजलाहट की मदिरा उसे पिलाए। |