6 | GEN 1:6 | अल्लाह ने कहा, “पानी के दरमियान एक ऐसा गुंबद पैदा हो जाए जिससे निचला पानी ऊपर के पानी से अलग हो जाए।” |
7 | GEN 1:7 | ऐसा ही हुआ। अल्लाह ने एक ऐसा गुंबद बनाया जिससे निचला पानी ऊपर के पानी से अलग हो गया। |
9 | GEN 1:9 | अल्लाह ने कहा, “जो पानी आसमान के नीचे है वह एक जगह जमा हो जाए ताकि दूसरी तरफ़ ख़ुश्क जगह नज़र आए।” ऐसा ही हुआ। |
11 | GEN 1:11 | फिर उसने कहा, “ज़मीन हरियावल पैदा करे, ऐसे पौदे जो बीज रखते हों और ऐसे दरख़्त जिनके फल अपनी अपनी क़िस्म के बीज रखते हों।” ऐसा ही हुआ। |
12 | GEN 1:12 | ज़मीन ने हरियावल पैदा की, ऐसे पौदे जो अपनी अपनी क़िस्म के बीज रखते और ऐसे दरख़्त जिनके फल अपनी अपनी क़िस्म के बीज रखते थे। अल्लाह ने देखा कि यह अच्छा है। |
15 | GEN 1:15 | आसमान की यह रौशनियाँ दुनिया को रौशन करें।” ऐसा ही हुआ। |
24 | GEN 1:24 | अल्लाह ने कहा, “ज़मीन हर क़िस्म के जानदार पैदा करे : मवेशी, रेंगनेवाले और जंगली जानवर।” ऐसा ही हुआ। |
30 | GEN 1:30 | इस तरह मैं तमाम जानवरों को खाने के लिए हरियाली देता हूँ। जिसमें भी जान है वह यह खा सकता है, ख़ाह वह ज़मीन पर चलने-फिरनेवाला जानवर, हवा का परिंदा या ज़मीन पर रेंगनेवाला क्यों न हो।” ऐसा ही हुआ। |
40 | GEN 2:9 | रब ख़ुदा के हुक्म पर ज़मीन में से तरह तरह के दरख़्त फूट निकले, ऐसे दरख़्त जो देखने में दिलकश और खाने के लिए अच्छे थे। बाग़ के बीच में दो दरख़्त थे। एक का फल ज़िंदगी बख़्शता था जबकि दूसरे का फल अच्छे और बुरे की पहचान दिलाता था। |
78 | GEN 3:22 | उसने कहा, “इनसान हमारी मानिंद हो गया है, वह अच्छे और बुरे का इल्म रखता है। अब ऐसा न हो कि वह हाथ बढ़ाकर ज़िंदगी बख़्शनेवाले दरख़्त के फल से ले और उससे खाकर हमेशा तक ज़िंदा रहे।” |
210 | GEN 9:4 | लेकिन ख़बरदार! ऐसा गोश्त न खाना जिसमें ख़ून है, क्योंकि ख़ून में उस की जान है। |
211 | GEN 9:5 | किसी की जान लेना मना है। जो ऐसा करेगा उसे अपनी जान देनी पड़ेगी, ख़ाह वह इनसान हो या हैवान। मैं ख़ुद इसका मुतालबा करूँगा। |
217 | GEN 9:11 | मैं तुम्हारे साथ अहद बाँधकर वादा करता हूँ कि अब से ऐसा कभी नहीं होगा कि ज़मीन की तमाम ज़िंदगी सैलाब से ख़त्म कर दी जाएगी। अब से ऐसा सैलाब कभी नहीं आएगा जो पूरी ज़मीन को तबाह कर दे। |
221 | GEN 9:15 | तो मैं यह अहद याद करूँगा जो तुम्हारे और तमाम जानदारों के साथ किया गया है। अब कभी भी ऐसा सैलाब नहीं आएगा जो तमाम ज़िंदगी को हलाक कर दे। |
257 | GEN 10:22 | सिम के बेटे ऐलाम, असूर, अरफ़क्सद, लूद और अराम थे। |
260 | GEN 10:25 | इबर के हाँ दो बेटे पैदा हुए। एक का नाम फ़लज यानी तक़सीम था, क्योंकि उन ऐयाम में दुनिया तक़सीम हुई। फ़लज के भाई का नाम युक़तान था। |
271 | GEN 11:4 | फिर वह कहने लगे, “आओ, हम अपने लिए शहर बना लें जिसमें ऐसा बुर्ज हो जो आसमान तक पहुँच जाए फिर हमारा नाम क़ायम रहेगा और हम रूए-ज़मीन पर बिखर जाने से बच जाएंगे।” |
327 | GEN 13:8 | तब अब्राम ने लूत से बात की, “ऐसा नहीं होना चाहिए कि तेरे और मेरे दरमियान झगड़ा हो या तेरे चरवाहों और मेरे चरवाहों के दरमियान। हम तो भाई हैं। |
338 | GEN 14:1 | कनान में जंग हुई। बैरूने-मुल्क के चार बादशाहों ने कनान के पाँच बादशाहों से जंग की। बैरूने-मुल्क के बादशाह यह थे : सिनार से अमराफ़िल, इल्लासर से अरयूक, ऐलाम से किदरलाउमर और जोयम से तिदाल। |
342 | GEN 14:5 | अब एक साल के बाद किदरलाउमर और उसके इत्तहादी अपनी फ़ौजों के साथ आए। पहले उन्होंने अस्तारात-क़रनैम में रफ़ाइयों को, हाम में ज़ूज़ियों को, सवी-क़िरियतायम में ऐमियों को |
344 | GEN 14:7 | फिर वह वापस आए और ऐन-मिसफ़ात यानी क़ादिस पहुँचे। उन्होंने अमालीक़ियों के पूरे इलाक़े को तबाह कर दिया और हससून-तमर में आबाद अमोरियों को भी शिकस्त दी। |
346 | GEN 14:9 | इन पाँच बादशाहों ने ऐलाम के बादशाह किदरलाउमर, जोयम के बादशाह तिदाल, सिनार के बादशाह अमराफ़िल और इल्लासर के बादशाह अरयूक का मुक़ाबला किया। |
360 | GEN 14:23 | कि मैं उसमें से कुछ नहीं लूँगा जो आपका है, चाहे वह धागा या जूती का तसमा ही क्यों न हो। ऐसा न हो कि आप कहें, ‘मैंने अब्राम को दौलतमंद बना दिया है।’ |
363 | GEN 15:2 | लेकिन अब्राम ने एतराज़ किया, “ऐ रब क़ादिरे-मुतलक़, तू मुझे क्या देगा जबकि अभी तक मेरे हाँ कोई बच्चा नहीं है और इलियज़र दमिश्क़ी मेरी मीरास पाएगा। |
369 | GEN 15:8 | अब्राम ने पूछा, “ऐ रब क़ादिरे-मुतलक़, मैं किस तरह जानूँ कि इस मुल्क पर क़ब्ज़ा करूँगा?” |
371 | GEN 15:10 | अब्राम ने ऐसा ही किया और फिर हर एक जानवर को दो हिस्सों में काटकर उनको एक दूसरे के आमने-सामने रख दिया। लेकिन परिंदों को उसने सालिम रहने दिया। |
374 | GEN 15:13 | फिर रब ने उससे कहा, “जान ले कि तेरी औलाद ऐसे मुल्क में रहेगी जो उसका नहीं होगा। वहाँ वह अजनबी और ग़ुलाम होगी, और उस पर 400 साल तक बहुत ज़ुल्म किया जाएगा। |
415 | GEN 17:17 | इब्राहीम मुँह के बल गिर गया। लेकिन दिल ही दिल में वह हँस पड़ा और सोचा, “यह किस तरह हो सकता है? मैं तो 100 साल का हूँ। ऐसे आदमी के हाँ बच्चा किस तरह पैदा हो सकता है? और सारा जैसी उम्ररसीदा औरत के बच्चा किस तरह पैदा हो सकता है? उस की उम्र तो 90 साल है।” |
419 | GEN 17:21 | लेकिन मेरा अहद इसहाक़ के साथ होगा, जो ऐन एक साल के बाद सारा के हाँ पैदा होगा।” |
435 | GEN 18:10 | रब ने कहा, “ऐन एक साल के बाद मैं वापस आऊँगा तो तेरी बीवी सारा के बेटा होगा।” सारा यह बातें सुन रही थी, क्योंकि वह उसके पीछे ख़ैमे के दरवाज़े के पास थी। |
444 | GEN 18:19 | उसी को मैंने चुन लिया है ताकि वह अपनी औलाद और अपने बाद के घराने को हुक्म दे कि वह रब की राह पर चलकर रास्त और मुंसिफ़ाना काम करें। क्योंकि अगर वह ऐसा करें तो रब इब्राहीम के साथ अपना वादा पूरा करेगा।” |
446 | GEN 18:21 | मैं उतरकर उनके पास जा रहा हूँ ताकि देखूँ कि यह इलज़ाम वाक़ई सच हैं जो मुझ तक पहुँचे हैं। अगर ऐसा नहीं है तो मैं यह जानना चाहता हूँ।” |
465 | GEN 19:7 | और कहा, “मेरे भाइयो, ऐसा मत करो, ऐसी बदकारी न करो। |
468 | GEN 19:10 | लेकिन ऐन वक़्त पर अंदर के आदमी लूत को पकड़कर अंदर ले आए, फिर दरवाज़ा दुबारा बंद कर दिया। |
476 | GEN 19:18 | लेकिन लूत ने उनसे कहा, “नहीं मेरे आक़ा, ऐसा न हो। |
516 | GEN 21:2 | वह हामिला हुई और बेटा पैदा हुआ। ऐन उस वक़्त बूढ़े इब्राहीम के हाँ बेटा पैदा हुआ जो अल्लाह ने मुक़र्रर करके उसे बताया था। |
540 | GEN 21:26 | अबीमलिक ने कहा, “मुझे नहीं मालूम कि किसने ऐसा किया है। आपने भी मुझे नहीं बताया। आज मैं पहली दफ़ा यह बात सुन रहा हूँ।” |
559 | GEN 22:11 | ऐन उसी वक़्त रब के फ़रिश्ते ने आसमान पर से उसे आवाज़ दी, “इब्राहीम, इब्राहीम!” इब्राहीम ने कहा, “जी, मैं हाज़िर हूँ।” |
601 | GEN 24:9 | इब्राहीम के नौकर ने अपना हाथ उस की रान के नीचे रखकर क़सम खाई कि मैं सब कुछ ऐसा ही करूँगा। |
604 | GEN 24:12 | फिर उसने दुआ की, “ऐ रब मेरे आक़ा इब्राहीम के ख़ुदा, मुझे आज कामयाबी बख़्श और मेरे आक़ा इब्राहीम पर मेहरबानी कर। |
606 | GEN 24:14 | मैं उनमें से किसी से कहूँगा, ‘ज़रा अपना घड़ा नीचे करके मुझे पानी पिलाएँ।’ अगर वह जवाब दे, ‘पी लें, मैं आपके ऊँटों को भी पानी पिला देती हूँ,’ तो वह वही होगी जिसे तूने अपने ख़ादिम इसहाक़ के लिए चुन रखा है। अगर ऐसा हुआ तो मैं जान लूँगा कि तूने मेरे आक़ा पर मेहरबानी की है।” |
634 | GEN 24:42 | आज जब मैं कुएँ के पास आया तो मैंने दुआ की, ‘ऐ रब, मेरे आक़ा के ख़ुदा, अगर तेरी मरज़ी हो तो मुझे इस मिशन में कामयाबी बख़्श जिसके लिए मैं यहाँ आया हूँ। |
641 | GEN 24:49 | अब मुझे बताएँ, क्या आप मेरे आक़ा पर अपनी मेहरबानी और वफ़ादारी का इज़हार करना चाहते हैं? अगर ऐसा है तो रिबक़ा की इसहाक़ के साथ शादी क़बूल करें। अगर आप मुत्तफ़िक़ नहीं हैं तो मुझे बताएँ ताकि मैं कोई और क़दम उठा सकूँ।” |
663 | GEN 25:4 | मिदियान के बेटे ऐफ़ा, इफ़र, हनूक, अबीदा और इल्दआ थे। यह सब क़तूरा की औलाद थे। |
684 | GEN 25:25 | पहला बच्चा निकला तो सुर्ख़-सा था, और ऐसा लग रहा था कि वह घने बालों का कोट ही पहने हुए है। इसलिए उसका नाम एसौ यानी ‘बालोंवाला’ रखा गया। |
708 | GEN 26:15 | अब ऐसा हुआ कि उन्होंने उन तमाम कुओं को मिट्टी से भरकर बंद कर दिया जो उसके बाप के नौकरों ने खोदे थे। |
727 | GEN 26:34 | जब एसौ 40 साल का था तो उसने दो हित्ती औरतों से शादी की, बैरी की बेटी यहूदित से और ऐलोन की बेटी बासमत से। |
732 | GEN 27:4 | उसे तैयार करके ऐसा लज़ीज़ खाना पका जो मुझे पसंद है। फिर उसे मेरे पास ले आ। मरने से पहले मैं वह खाना खाकर तुझे बरकत देना चाहता हूँ।” |
742 | GEN 27:14 | चुनाँचे वह गया और उन्हें अपनी माँ के पास ले आया। रिबक़ा ने ऐसा लज़ीज़ खाना पकाया जो याक़ूब के बाप को पसंद था। |
816 | GEN 29:20 | पस याक़ूब ने राख़िल को पाने के लिए सात साल तक काम किया। लेकिन उसे ऐसा लगा जैसा दो एक दिन ही गुज़रे हों क्योंकि वह राख़िल को शिद्दत से प्यार करता था। |
865 | GEN 30:34 | लाबन ने कहा, “ठीक है। ऐसा ही हो जैसा आपने कहा है।” |
873 | GEN 30:42 | कमज़ोर जानवरों के साथ उसने ऐसा न किया। इसी तरह लाबन को कमज़ोर जानवर और याक़ूब को ताक़तवर जानवर मिल गए। |
882 | GEN 31:8 | जब मामूँ लाबन कहते थे, ‘जिन जानवरों के जिस्म पर धब्बे हों वही आपको उजरत के तौर पर मिलेंगे’ तो तमाम भेड़-बकरियों के ऐसे बच्चे पैदा हुए जिनके जिस्मों पर धब्बे ही थे। जब उन्होंने कहा, ‘जिन जानवरों के जिस्म पर धारियाँ होंगी वही आपको उजरत के तौर पर मिलेंगे’ तो तमाम भेड़-बकरियों के ऐसे बच्चे पैदा हुए जिनके जिस्मों पर धारियाँ ही थीं। |
884 | GEN 31:10 | अब ऐसा हुआ कि हैवानों की मस्ती के मौसम में मैंने एक ख़ाब देखा। उसमें जो मेंढे और बकरे भेड़-बकरियों से मिलाप कर रहे थे उनके जिस्म पर बड़े और छोटे धब्बे और धारियाँ थीं। |
909 | GEN 31:35 | राख़िल ने अपने बाप से कहा, “अब्बू, मुझसे नाराज़ न होना कि मैं आपके सामने खड़ी नहीं हो सकती। मैं ऐयामे-माहवारी के सबब से उठ नहीं सकती।” लाबन उसे छोड़कर ढूँडता रहा, लेकिन कुछ न मिला। |
927 | GEN 31:53 | इब्राहीम, नहूर और उनके बाप का ख़ुदा हम दोनों के दरमियान फ़ैसला करे अगर ऐसा कोई मामला हो।” जवाब में याक़ूब ने इसहाक़ के माबूद की क़सम खाई कि मैं यह अहद कभी नहीं तोड़ूँगा। |
938 | GEN 32:10 | फिर याक़ूब ने दुआ की, “ऐ मेरे दादा इब्राहीम और मेरे बाप इसहाक़ के ख़ुदा, मेरी दुआ सुन! ऐ रब, तूने ख़ुद मुझे बताया, ‘अपने मुल्क और रिश्तेदारों के पास वापस जा, और मैं तुझे कामयाबी दूँगा।’ |
995 | GEN 34:14 | कहा, “हम ऐसा नहीं कर सकते। हम अपनी बहन की शादी किसी ऐसे आदमी से नहीं करा सकते जिसका ख़तना नहीं हुआ। इससे हमारी बेइज़्ज़ती होती है। |
1004 | GEN 34:23 | अगर हम ऐसा करें तो उनके तमाम मवेशी और सारा माल हमारा ही होगा। चुनाँचे आओ, हम मुत्तफ़िक़ होकर फ़ैसला कर लें ताकि वह हमारे दरमियान रहें।” |
1043 | GEN 36:2 | एसौ ने तीन कनानी औरतों से शादी की : हित्ती आदमी ऐलोन की बेटी अदा से, अना की बेटी उहलीबामा से जो हिव्वी आदमी सिबोन की नवासी थी |
1064 | GEN 36:23 | सोबल के बेटे अलवान, मानहत, ऐबाल, सफ़ो और ओनाम थे। |
1065 | GEN 36:24 | सिबोन के बेटे ऐयाह और अना थे। इसी अना को गरम चश्मे मिले जब वह बयाबान में अपने बाप के गधे चरा रहा था। |
1081 | GEN 36:40 | एसौ से अदोमी क़बीलों के यह सरदार निकले : तिमना, अलवह, यतेत, उहलीबामा, ऐला, फ़ीनोन, क़नज़, तेमान, मिबसार, मजदियेल और इराम। अदोम के सरदारों की यह फ़हरिस्त उनकी मौरूसी ज़मीन की आबादियों और क़बीलों के मुताबिक़ ही बयान की गई है। एसौ उनका बाप है। |
1129 | GEN 38:9 | ओनान ने ऐसा किया, लेकिन वह जानता था कि जो भी बच्चे पैदा होंगे वह क़ानून के मुताबिक़ मेरे बड़े भाई के होंगे। इसलिए जब भी वह तमर से हमबिसतर होता तो नुतफ़ा को ज़मीन पर गिरा देता, क्योंकि वह नहीं चाहता था कि मेरी मारिफ़त मेरे भाई के बच्चे पैदा हों। |
1134 | GEN 38:14 | यह सुनकर तमर ने बेवा के कपड़े उतारकर आम कपड़े पहन लिए। फिर वह अपना मुँह चादर से लपेटकर ऐनीम शहर के दरवाज़े पर बैठ गई जो तिमनत के रास्ते में था। तमर ने यह हरकत इसलिए की कि यहूदाह का बेटा सेला अब बालिग़ हो चुका था तो भी उस की उसके साथ शादी नहीं की गई थी। |
1141 | GEN 38:21 | उसने ऐनीम के बाशिंदों से पूछा, “वह कसबी कहाँ है जो यहाँ सड़क पर बैठी थी?” उन्होंने जवाब दिया, “यहाँ ऐसी कोई कसबी नहीं थी।” |
1142 | GEN 38:22 | उसने यहूदाह के पास वापस जाकर कहा, “वह मुझे नहीं मिली बल्कि वहाँ के रहनेवालों ने कहा कि यहाँ कोई ऐसी कसबी थी नहीं।” |
1188 | GEN 40:15 | क्योंकि मुझे इबरानियों के मुल्क से इग़वा करके यहाँ लाया गया है, और यहाँ भी मुझसे कोई ऐसी ग़लती नहीं हुई कि मुझे इस गढ़े में फेंका जाता।” |
1230 | GEN 41:34 | इसके अलावा वह ऐसे आदमी मुक़र्रर करें जो सात अच्छे सालों के दौरान हर फ़सल का पाँचवाँ हिस्सा लें। |
1257 | GEN 42:4 | लेकिन याक़ूब ने यूसुफ़ के सगे भाई बिनयमीन को साथ न भेजा, क्योंकि उसने कहा, “ऐसा न हो कि उसे जानी नुक़सान पहुँचे।” |
1260 | GEN 42:7 | जब यूसुफ़ ने अपने भाइयों को देखा तो उसने उन्हें पहचान लिया लेकिन ऐसा किया जैसा उनसे नावाक़िफ़ हो और सख़्ती से उनसे बात की, “तुम कहाँ से आए हो?” उन्होंने जवाब दिया, “हम मुल्के-कनान से अनाज ख़रीदने के लिए आए हैं।” |
1267 | GEN 42:14 | लेकिन यूसुफ़ ने अपना इलज़ाम दोहराया, “ऐसा ही है जैसा मैंने कहा है कि तुम जासूस हो। |
1272 | GEN 42:19 | अगर तुम वाक़ई शरीफ़ लोग हो तो ऐसा करो कि तुममें से एक यहाँ क़ैदख़ाने में रहे जबकि बाक़ी सब अनाज लेकर अपने भूके घरवालों के पास वापस जाएँ। |
1278 | GEN 42:25 | यूसुफ़ ने हुक्म दिया कि मुलाज़िम उनकी बोरियाँ अनाज से भरकर हर एक भाई के पैसे उस की बोरी में वापस रख दें और उन्हें सफ़र के लिए खाना भी दें। उन्होंने ऐसा ही किया। |
1305 | GEN 43:14 | अल्लाह क़ादिरे-मुतलक़ करे कि यह आदमी तुम पर रहम करके बिनयमीन और तुम्हारे दूसरे भाई को वापस भेजे। जहाँ तक मेरा ताल्लुक़ है, अगर मुझे अपने बच्चों से महरूम होना है तो ऐसा ही हो।” |
1308 | GEN 43:17 | मुलाज़िम ने ऐसा ही किया और भाइयों को यूसुफ़ के घर ले गया। |
1327 | GEN 44:2 | सबसे छोटे भाई की बोरी में न सिर्फ़ पैसे बल्कि मेरे चाँदी के प्याले को भी रख देना।” मुलाज़िम ने ऐसा ही किया। |
1332 | GEN 44:7 | जवाब में उन्होंने कहा, “हमारे मालिक ऐसी बातें क्यों करते हैं? कभी नहीं हो सकता कि आपके ख़ादिम ऐसा करें। |
1335 | GEN 44:10 | मुलाज़िम ने कहा, “ठीक है ऐसा ही होगा। लेकिन सिर्फ़ वही मेरा ग़ुलाम बनेगा जिसने प्याला चुराया है। बाक़ी सब आज़ाद हैं।” |
1342 | GEN 44:17 | यूसुफ़ ने कहा, “अल्लाह न करे कि मैं ऐसा करूँ, बल्कि सिर्फ़ वही मेरा ग़ुलाम होगा जिसके पास प्याला था। बाक़ी सब सलामती से अपने बाप के पास वापस चले जाएँ।” |
1355 | GEN 44:30 | यहूदाह ने अपनी बात जारी रखी, “जनाबे-आली, अब अगर मैं अपने बाप के पास जाऊँ और वह देखें कि लड़का मेरे साथ नहीं है तो वह दम तोड़ देंगे। उनकी ज़िंदगी इस क़दर लड़के की ज़िंदगी पर मुनहसिर है और वह इतने बूढ़े हैं कि हम ऐसी हरकत से उन्हें क़ब्र तक पहुँचा देंगे। |
1380 | GEN 45:21 | यूसुफ़ के भाइयों ने ऐसा ही किया। यूसुफ़ ने उन्हें बादशाह के हुक्म के मुताबिक़ गाड़ियाँ और सफ़र के लिए ख़ुराक दी। |
1401 | GEN 46:14 | ज़बूलून के बेटे सरद, ऐलोन और यहलियेल थे। |
1452 | GEN 47:31 | याक़ूब ने कहा, “क़सम खा कि तू ऐसा ही करेगा।” यूसुफ़ ने क़सम खाई। तब इसराईल ने अपने बिस्तर के सिरहाने पर अल्लाह को सिजदा किया। |
1470 | GEN 48:18 | उसने कहा, “अब्बू, ऐसे नहीं। दूसरा लड़का बड़ा है। उसी पर अपना दहना हाथ रखें।” |
1476 | GEN 49:2 | ऐ याक़ूब के बेटो, इकट्ठे होकर सुनो, अपने बाप इसराईल की बातों पर ग़ौर करो। |
1492 | GEN 49:18 | ऐ रब, मैं तेरी ही नजात के इंतज़ार में हूँ! |
1509 | GEN 50:2 | उसके मुलाज़िमों में से कुछ डाक्टर थे। उसने उन्हें हिदायत दी कि मेरे बाप इसराईल की लाश को हनूत करें ताकि वह गल न जाए। उन्होंने ऐसा ही किया। |
1543 | EXO 1:10 | आओ, हम हिकमत से काम लें, वरना वह मज़ीद बढ़ जाएंगे। ऐसा न हो कि वह किसी जंग के मौक़े पर दुश्मन का साथ देकर हमसे लड़ें और मुल्क को छोड़ जाएँ।” |
1588 | EXO 3:8 | अब मैं उन्हें मिसरियों के क़ाबू से बचाने के लिए उतर आया हूँ। मैं उन्हें मिसर से निकालकर एक अच्छे वसी मुल्क में ले जाऊँगा, एक ऐसे मुल्क में जहाँ दूध और शहद की कसरत है, गो इस वक़्त कनानी, हित्ती, अमोरी, फ़रिज़्ज़ी, हिव्वी और यबूसी उसमें रहते हैं। |
1597 | EXO 3:17 | इसलिए मैंने फ़ैसला किया है कि तुम्हें मिसर की मुसीबत से निकालकर कनानियों, हित्तियों, अमोरियों, फ़रिज़्ज़ियों, हिव्वियों और यबूसियों के मुल्क में ले जाऊँ, ऐसे मुल्क में जहाँ दूध और शहद की कसरत है।’ |
1605 | EXO 4:3 | रब ने कहा, “उसे ज़मीन पर डाल दे।” मूसा ने ऐसा किया तो लाठी साँप बन गई, और मूसा डरकर भागा। |
1606 | EXO 4:4 | रब ने कहा, “अब साँप की दुम को पकड़ ले।” मूसा ने ऐसा किया तो साँप फिर लाठी बन गया। |
1608 | EXO 4:6 | अब अपना हाथ अपने लिबास में डाल दे।” मूसा ने ऐसा किया। जब उसने अपना हाथ निकाला तो वह बर्फ़ की मानिंद सफ़ेद हो गया था। कोढ़ जैसी बीमारी लग गई थी। |
1609 | EXO 4:7 | तब रब ने कहा, “अब अपना हाथ दुबारा अपने लिबास में डाल।” मूसा ने ऐसा किया। जब उसने अपना हाथ दुबारा निकाला तो वह फिर सेहतमंद था। |