Wildebeest analysis examples for:   urd-urdgvh   ट    February 11, 2023 at 19:52    Script wb_pprint_html.py   by Ulf Hermjakob

16  GEN 1:16  अल्लाह ने दो बड़ी रौशनियाँ बनाईं, सूरज जो बड़ा था दिन पर हुकूमत करने को और चाँद जो छोथा रात पर। इनके अलावा उसने सितारों को भी बनाया।
31  GEN 1:31  अल्लाह ने सब पर नज़र की तो देखा कि वह बहुत अच्छा बन गया है। शाम हुई, फिर सुबह।दिन गुज़र गया।
38  GEN 2:7  फिर रब ख़ुदा ने ज़मीन से मिलेकर इनसान को तश्कील दिया और उसके नथनों में ज़िंदगी का दम फूँका तो वह जीती जान हुआ।
40  GEN 2:9  रब ख़ुदा के हुक्म पर ज़मीन में से तरह तरह के दरख़्त फू निकले, ऐसे दरख़्त जो देखने में दिलकश और खाने के लिए अच्छे थे। बाग़ के बीच में दो दरख़्त थे। एक का फल ज़िंदगी बख़्शता था जबकि दूसरे का फल अच्छे और बुरे की पहचान दिलाता था।
50  GEN 2:19  रब ख़ुदा ने मिसे ज़मीन पर चलने-फिरनेवाले जानवर और हवा के परिंदे बनाए थे। अब वह उन्हें आदमी के पास ले आया ताकि मालूम हो जाए कि वह उनके क्या क्या नाम रखेगा। यों हर जानवर को आदम की तरफ़ से नाम मिल गया।
70  GEN 3:14  रब ख़ुदा ने साँप से कहा, “चूँकि तूने यह किया, इसलिए तू तमाम मवेशियों और जंगली जानवरों में लानती है। तू उम्र-भर पे के बल रेंगेगा और ख़ाक चाेगा।
71  GEN 3:15  मैं तेरे और औरत के दरमियान दुश्मनी पैदा करूँगा। उस की औलाद तेरी औलाद की दुश्मन होगी। वह तेरे सर को कुचल डालेगी जबकि तू उस की एड़ी पर काेगा।”
74  GEN 3:18  तेरे लिए वह ख़ारदार पौदे और ऊँारे पैदा करेगी, हालाँकि तू उससे अपनी ख़ुराक भी हासिल करेगा।
75  GEN 3:19  पसीना बहा बहाकर तुझे रोकमाने के लिए भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। और यह सिलसिला मौत तक जारी रहेगा। तू मेहनत करते करते दुबारा ज़मीन में लौ जाएगा, क्योंकि तू उसी से लिया गया है। तू ख़ाक है और दुबारा ख़ाक में मिल जाएगा।”
81  GEN 4:1  आदम हव्वा से हमबिसतर हुआ तो उनका पहला बेक़ाबील पैदा हुआ। हव्वा ने कहा, “रब की मदद से मैंने एक मर्द हासिल किया है।”
86  GEN 4:6  रब ने पूछा, “तू ग़ुस्से में क्यों आ गया है? तेरा मुँह क्योंका हुआ है?
97  GEN 4:17  क़ाबील की बीवी हामिला हुई। बेपैदा हुआ जिसका नाम हनूक रखा गया। क़ाबील ने एक शहर तामीर किया और अपने बेकी ख़ुशी में उसका नाम हनूक रखा।
98  GEN 4:18  हनूक का बेईराद था, ईराद का बेमहूयाएल, महूयाएल का बेमतूसाएल और मतूसाएल का बेलमक था।
100  GEN 4:20  अदा का बेयाबल था। उस की नसल के लोग ख़ैमों में रहते और मवेशी पालते थे।
102  GEN 4:22  ज़िल्ला के भी बेपैदा हुआ जिसका नाम तूबल-क़ाबील था। वह लोहार था। उस की नसल के लोग पीतल और लोहे की चीज़ें बनाते थे। तूबल-क़ाबील की बहन का नाम नामा था।
104  GEN 4:24  एक आदमी ने मुझे ज़ख़मी किया तो मैंने उसे मार डाला। एक लड़के ने मेरे चो लगाई तो मैंने उसे क़त्ल कर दिया। जो क़ाबील को क़त्ल करे उससे सात गुना बदला लिया जाएगा, लेकिन जो लमक को क़त्ल करे उससे सतत्तर गुना बदला लिया जाएगा।”
105  GEN 4:25  आदम और हव्वा का एक और बेपैदा हुआ। हव्वा ने उसका नाम सेत रखकर कहा, “अल्लाह ने मुझे हाबील की जगह जिसे क़ाबील ने क़त्ल किया एक और बेबख़्शा है।”
106  GEN 4:26  सेत के हाँ भी बेपैदा हुआ। उसने उसका नाम अनूस रखा। उन दिनों में लोग रब का नाम लेकर इबादत करने लगे।
109  GEN 5:3  आदम की उम्र 130 साल थी जब उसका बेसेत पैदा हुआ। सेत सूरत के लिहाज़ से अपने बाप की मानिंद था, वह उससे मुशाबहत रखता था।
110  GEN 5:4  सेत की पैदाइश के बाद आदम मज़ीद 800 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेे-बेियाँ भी पैदा हुए।
112  GEN 5:6  सेत 105 साल का था जब उसका बेअनूस पैदा हुआ।
113  GEN 5:7  इसके बाद वह मज़ीद 807 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेे-बेियाँ भी पैदा हुए।
115  GEN 5:9  अनूस 90 बरस का था जब उसका बेक़ीनान पैदा हुआ।
116  GEN 5:10  इसके बाद वह मज़ीद 815 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेे-बेियाँ भी पैदा हुए।
118  GEN 5:12  क़ीनान 70 साल का था जब उसका बेमहललेल पैदा हुआ।
119  GEN 5:13  इसके बाद वह मज़ीद 840 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेे-बेियाँ भी पैदा हुए।
121  GEN 5:15  महललेल 65 साल का था जब उसका बेयारिद पैदा हुआ।
122  GEN 5:16  इसके बाद वह मज़ीद 830 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेे-बेियाँ भी पैदा हुए।
124  GEN 5:18  यारिद 162 साल का था जब उसका बेहनूक पैदा हुआ।
125  GEN 5:19  इसके बाद वह मज़ीद 800 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेे-बेियाँ भी पैदा हुए।
127  GEN 5:21  हनूक 65 साल का था जब उसका बेमतूसिलह पैदा हुआ।
128  GEN 5:22  इसके बाद वह मज़ीद 300 साल अल्लाह के साथ चलता रहा। उसके और बेे-बेियाँ भी पैदा हुए।
131  GEN 5:25  मतूसिलह 187 साल का था जब उसका बेलमक पैदा हुआ।
132  GEN 5:26  वह मज़ीद 782 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेऔर बेियाँ भी पैदा हुए।
134  GEN 5:28  लमक 182 साल का था जब उसका बेपैदा हुआ।
135  GEN 5:29  उसने उसका नाम नूह यानी तसल्ली रखा, क्योंकि उसने उसके बारे में कहा, “हमारा खेतीबाड़ी का काम निहायत तकलीफ़देह है, इसलिए कि अल्लाह ने ज़मीन पर लानत भेजी है। लेकिन अब हम बेकी मारिफ़त तसल्ली पाएँगे।”
136  GEN 5:30  इसके बाद वह मज़ीद 595 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेे-बेियाँ भी पैदा हुए।
138  GEN 5:32  नूह 500 साल का था जब उसके बेसिम, हाम और याफ़त पैदा हुए।
139  GEN 6:1  दुनिया में लोगों की तादाद बढ़ने लगी। उनके हाँ बेियाँ पैदा हुईं।
140  GEN 6:2  तब आसमानी हस्तियों ने देखा कि बनी नौ इनसान की बेियाँ ख़ूबसूरत हैं, और उन्होंने उनमें से कुछ चुनकर उनसे शादी की।
145  GEN 6:7  उसने कहा, “गो मैं ही ने इनसान को ख़लक़ किया मैं उसे रूए-ज़मीन पर से मिडालूँगा। मैं न सिर्फ़ लोगों को बल्कि ज़मीन पर चलने-फिरने और रेंगनेवाले जानवरों और हवा के परिंदों को भी हलाक कर दूँगा, क्योंकि मैं पछताता हूँ कि मैंने उनको बनाया।”
148  GEN 6:10  नूह के तीन बेथे, सिम, हाम और याफ़त।
153  GEN 6:15  उस की लंबाई 450 फ़ु, चौड़ाई 75 फ़ु और ऊँचाई 45 फ़ु हो।
156  GEN 6:18  लेकिन तेरे साथ मैं अहद बाँधूँगा जिसके तहत तू अपने बेों, अपनी बीवी और बहुओं के साथ कश्ती में जाएगा।
164  GEN 7:4  एक हफ़ते के बाद मैं चालीस दिन और चालीस रात मुतवातिर बारिश बरसाऊँगा। इससे मैं तमाम जानदारों को रूए-ज़मीन पर से मिडालूँगा, अगरचे मैं ही ने उन्हें बनाया है।”
167  GEN 7:7  तूफ़ानी सैलाब से बचने के लिए नूह अपने बेों, अपनी बीवी और बहुओं के साथ कश्ती में सवार हुआ।
171  GEN 7:11  यह सब कुछ उस वक़्त हुआ जब नूह 600 साल का था। दूसरे महीने के 17वें दिन ज़मीन की गहराइयों में से तमाम चश्मे फू निकले और आसमान पर पानी के दरीचे खुल गए।
173  GEN 7:13  जब बारिश शुरू हुई तो नूह, उसके बेसिम, हाम और याफ़त, उस की बीवी और बहुएँ कश्ती में सवार हो चुके थे।
180  GEN 7:20  बल्कि सबसे ऊँची चोपर पानी की गहराई 20 फ़ु थी।
183  GEN 7:23  यों हर मख़लूक़ को रूए-ज़मीन पर से मिदिया गया। इनसान, ज़मीन पर फिरने और रेंगनेवाले जानवर और परिंदे, सब कुछ ख़त्म कर दिया गया। सिर्फ़ नूह और कश्ती में सवार उसके साथी बच गए।
187  GEN 8:3  पानीता गया। 150 दिन के बाद वह काफ़ी कम हो गया था।
188  GEN 8:4  सातवें महीने के 17वें दिन कश्ती अरारात के एक पहाड़ पर िक गई।
189  GEN 8:5  दसवें महीने के पहले दिन पानी इतना कम हो गया था कि पहाड़ों की चोियाँ नज़र आने लगी थीं।
195  GEN 8:11  शाम के वक़्त वह लौ आया। इस दफ़ा उस की चोंच में ज़ैतून का ताज़ा पत्ता था। तब नूह को मालूम हुआ कि ज़मीन पानी से निकल आई है।
200  GEN 8:16  “अपनी बीवी, बेों और बहुओं के साथ कश्ती से निकल आ।
202  GEN 8:18  चुनाँचे नूह अपने बेों, अपनी बीवी और बहुओं समेत निकल आया।
205  GEN 8:21  यह क़ुरबानियाँ देखकर रब ख़ुश हुआ और अपने दिल में कहा, “अब से मैं कभी ज़मीन पर इनसान की वजह से लानत नहीं भेजूँगा, क्योंकि उसका दिल बचपन ही से बुराई की तरफ़ मायल है। अब से मैं कभी इस तरह तमाम जान रखनेवाली मख़लूक़ात को रूए-ज़मीन पर से नहीं मिाऊँगा।
206  GEN 8:22  दुनिया के मुक़र्ररा औक़ात जारी रहेंगे। बीज बोने और फ़सल काने का वक़्त, ठंड और तपिश, गरमियों और सर्दियों का मौसम, दिन और रात, यह सब कुछ दुनिया के अख़ीर तक क़ायम रहेगा।”
207  GEN 9:1  फिर अल्लाह ने नूह और उसके बेों को बरकत देकर कहा, “फलो-फूलो और तादाद में बढ़ते जाओ। दुनिया तुमसे भर जाए।
214  GEN 9:8  तब अल्लाह ने नूह और उसके बेों से कहा,
224  GEN 9:18  नूह के जो बेउसके साथ कश्ती से निकले सिम, हाम और याफ़त थे। हाम कनान का बाप था।
229  GEN 9:23  यह सुनकर सिम और याफ़त ने अपने कंधों पर कपड़ा रखा। फिर वह उलचलते हुए डेरे में दाख़िल हुए और कपड़ा अपने बाप पर डाल दिया। उनके मुँह दूसरी तरफ़ मुड़े रहे ताकि बाप की बरहनगी नज़र न आए।
230  GEN 9:24  जब नूह होश में आया तो उसको पता चला कि सबसे छोबेने क्या किया है।
236  GEN 10:1  यह नूह के बेों सिम, हाम और याफ़त का नसबनामा है। उनके बेसैलाब के बाद पैदा हुए।
237  GEN 10:2  याफ़त के बेजुमर, माजूज, मादी, यावान, तूबल, मसक और तीरास थे।
238  GEN 10:3  जुमर के बेअश्कनाज़, रीफ़त और तुजरमा थे।
239  GEN 10:4  यावान के बेइलीसा और तरसीस थे। कित्ती और दोदानी भी उस की औलाद हैं।
241  GEN 10:6  हाम के बेकूश, मिसर, फ़ूत और कनान थे।
242  GEN 10:7  कूश के बेसिबा, हवीला, सबता, रामा और सब्तका थे। रामा के बेसबा और ददान थे।
243  GEN 10:8  कूश का एक और बेबनाम नमरूद था। वह दुनिया में पहला ज़बरदस्त हाकिम था।
256  GEN 10:21  सिम याफ़त का बड़ा भाई था। उसके भी बेपैदा हुए। सिम तमाम बनी इबर का बाप है।
257  GEN 10:22  सिम के बेऐलाम, असूर, अरफ़क्सद, लूद और अराम थे।
258  GEN 10:23  अराम के बेऊज़, हूल, जतर और मस थे।
259  GEN 10:24  अरफ़क्सद का बेसिलह और सिलह का बेइबर था।
260  GEN 10:25  इबर के हाँ दो बेपैदा हुए। एक का नाम फ़लज यानी तक़सीम था, क्योंकि उन ऐयाम में दुनिया तक़सीम हुई। फ़लज के भाई का नाम युक़तान था।
261  GEN 10:26  युक़तान के बेअलमूदाद, सलफ़, हसरमावत, इराख़,
264  GEN 10:29  ओफ़ीर, हवीला और यूबाब थे। यह सब युक़तान के बेथे।
267  GEN 10:32  यह सब नूह के बेों के क़बीले हैं, जो अपनी नसलों और क़ौमों के मुताबिक़ दर्ज किए गए हैं। सैलाब के बाद तमाम क़ौमें इन्हीं से निकलकर रूए-ज़मीन पर फैल गईं।
270  GEN 11:3  तब वह एक दूसरे से कहने लगे, “आओ, हम मिसे ईंें बनाकर उन्हें आग में ख़ूब पकाएँ।” उन्होंने तामीरी काम के लिए पत्थर की जगह ईंें और मसाले की जगह तारकोल इस्तेमाल किया।
277  GEN 11:10  यह सिम का नसबनामा है : सिम 100 साल का था जब उसका बेअरफ़क्सद पैदा हुआ। यह सैलाब के दो साल बाद हुआ।
278  GEN 11:11  इसके बाद वह मज़ीद 500 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेे-बेियाँ भी पैदा हुए।
280  GEN 11:13  इसके बाद वह मज़ीद 403 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेे-बेियाँ भी पैदा हुए।