16 | GEN 1:16 | अल्लाह ने दो बड़ी रौशनियाँ बनाईं, सूरज जो बड़ा था दिन पर हुकूमत करने को और चाँद जो छोटा था रात पर। इनके अलावा उसने सितारों को भी बनाया। |
31 | GEN 1:31 | अल्लाह ने सब पर नज़र की तो देखा कि वह बहुत अच्छा बन गया है। शाम हुई, फिर सुबह। छटा दिन गुज़र गया। |
38 | GEN 2:7 | फिर रब ख़ुदा ने ज़मीन से मिट्टी लेकर इनसान को तश्कील दिया और उसके नथनों में ज़िंदगी का दम फूँका तो वह जीती जान हुआ। |
40 | GEN 2:9 | रब ख़ुदा के हुक्म पर ज़मीन में से तरह तरह के दरख़्त फूट निकले, ऐसे दरख़्त जो देखने में दिलकश और खाने के लिए अच्छे थे। बाग़ के बीच में दो दरख़्त थे। एक का फल ज़िंदगी बख़्शता था जबकि दूसरे का फल अच्छे और बुरे की पहचान दिलाता था। |
50 | GEN 2:19 | रब ख़ुदा ने मिट्टी से ज़मीन पर चलने-फिरनेवाले जानवर और हवा के परिंदे बनाए थे। अब वह उन्हें आदमी के पास ले आया ताकि मालूम हो जाए कि वह उनके क्या क्या नाम रखेगा। यों हर जानवर को आदम की तरफ़ से नाम मिल गया। |
70 | GEN 3:14 | रब ख़ुदा ने साँप से कहा, “चूँकि तूने यह किया, इसलिए तू तमाम मवेशियों और जंगली जानवरों में लानती है। तू उम्र-भर पेट के बल रेंगेगा और ख़ाक चाटेगा। |
71 | GEN 3:15 | मैं तेरे और औरत के दरमियान दुश्मनी पैदा करूँगा। उस की औलाद तेरी औलाद की दुश्मन होगी। वह तेरे सर को कुचल डालेगी जबकि तू उस की एड़ी पर काटेगा।” |
74 | GEN 3:18 | तेरे लिए वह ख़ारदार पौदे और ऊँटकटारे पैदा करेगी, हालाँकि तू उससे अपनी ख़ुराक भी हासिल करेगा। |
75 | GEN 3:19 | पसीना बहा बहाकर तुझे रोटी कमाने के लिए भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। और यह सिलसिला मौत तक जारी रहेगा। तू मेहनत करते करते दुबारा ज़मीन में लौट जाएगा, क्योंकि तू उसी से लिया गया है। तू ख़ाक है और दुबारा ख़ाक में मिल जाएगा।” |
81 | GEN 4:1 | आदम हव्वा से हमबिसतर हुआ तो उनका पहला बेटा क़ाबील पैदा हुआ। हव्वा ने कहा, “रब की मदद से मैंने एक मर्द हासिल किया है।” |
86 | GEN 4:6 | रब ने पूछा, “तू ग़ुस्से में क्यों आ गया है? तेरा मुँह क्यों लटका हुआ है? |
97 | GEN 4:17 | क़ाबील की बीवी हामिला हुई। बेटा पैदा हुआ जिसका नाम हनूक रखा गया। क़ाबील ने एक शहर तामीर किया और अपने बेटे की ख़ुशी में उसका नाम हनूक रखा। |
98 | GEN 4:18 | हनूक का बेटा ईराद था, ईराद का बेटा महूयाएल, महूयाएल का बेटा मतूसाएल और मतूसाएल का बेटा लमक था। |
100 | GEN 4:20 | अदा का बेटा याबल था। उस की नसल के लोग ख़ैमों में रहते और मवेशी पालते थे। |
102 | GEN 4:22 | ज़िल्ला के भी बेटा पैदा हुआ जिसका नाम तूबल-क़ाबील था। वह लोहार था। उस की नसल के लोग पीतल और लोहे की चीज़ें बनाते थे। तूबल-क़ाबील की बहन का नाम नामा था। |
104 | GEN 4:24 | एक आदमी ने मुझे ज़ख़मी किया तो मैंने उसे मार डाला। एक लड़के ने मेरे चोट लगाई तो मैंने उसे क़त्ल कर दिया। जो क़ाबील को क़त्ल करे उससे सात गुना बदला लिया जाएगा, लेकिन जो लमक को क़त्ल करे उससे सतत्तर गुना बदला लिया जाएगा।” |
105 | GEN 4:25 | आदम और हव्वा का एक और बेटा पैदा हुआ। हव्वा ने उसका नाम सेत रखकर कहा, “अल्लाह ने मुझे हाबील की जगह जिसे क़ाबील ने क़त्ल किया एक और बेटा बख़्शा है।” |
106 | GEN 4:26 | सेत के हाँ भी बेटा पैदा हुआ। उसने उसका नाम अनूस रखा। उन दिनों में लोग रब का नाम लेकर इबादत करने लगे। |
109 | GEN 5:3 | आदम की उम्र 130 साल थी जब उसका बेटा सेत पैदा हुआ। सेत सूरत के लिहाज़ से अपने बाप की मानिंद था, वह उससे मुशाबहत रखता था। |
110 | GEN 5:4 | सेत की पैदाइश के बाद आदम मज़ीद 800 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भी पैदा हुए। |
112 | GEN 5:6 | सेत 105 साल का था जब उसका बेटा अनूस पैदा हुआ। |
113 | GEN 5:7 | इसके बाद वह मज़ीद 807 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भी पैदा हुए। |
115 | GEN 5:9 | अनूस 90 बरस का था जब उसका बेटा क़ीनान पैदा हुआ। |
116 | GEN 5:10 | इसके बाद वह मज़ीद 815 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भी पैदा हुए। |
118 | GEN 5:12 | क़ीनान 70 साल का था जब उसका बेटा महललेल पैदा हुआ। |
119 | GEN 5:13 | इसके बाद वह मज़ीद 840 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भी पैदा हुए। |
121 | GEN 5:15 | महललेल 65 साल का था जब उसका बेटा यारिद पैदा हुआ। |
122 | GEN 5:16 | इसके बाद वह मज़ीद 830 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भी पैदा हुए। |
124 | GEN 5:18 | यारिद 162 साल का था जब उसका बेटा हनूक पैदा हुआ। |
125 | GEN 5:19 | इसके बाद वह मज़ीद 800 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भी पैदा हुए। |
127 | GEN 5:21 | हनूक 65 साल का था जब उसका बेटा मतूसिलह पैदा हुआ। |
128 | GEN 5:22 | इसके बाद वह मज़ीद 300 साल अल्लाह के साथ चलता रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भी पैदा हुए। |
131 | GEN 5:25 | मतूसिलह 187 साल का था जब उसका बेटा लमक पैदा हुआ। |
132 | GEN 5:26 | वह मज़ीद 782 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे और बेटियाँ भी पैदा हुए। |
134 | GEN 5:28 | लमक 182 साल का था जब उसका बेटा पैदा हुआ। |
135 | GEN 5:29 | उसने उसका नाम नूह यानी तसल्ली रखा, क्योंकि उसने उसके बारे में कहा, “हमारा खेतीबाड़ी का काम निहायत तकलीफ़देह है, इसलिए कि अल्लाह ने ज़मीन पर लानत भेजी है। लेकिन अब हम बेटे की मारिफ़त तसल्ली पाएँगे।” |
136 | GEN 5:30 | इसके बाद वह मज़ीद 595 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भी पैदा हुए। |
138 | GEN 5:32 | नूह 500 साल का था जब उसके बेटे सिम, हाम और याफ़त पैदा हुए। |
139 | GEN 6:1 | दुनिया में लोगों की तादाद बढ़ने लगी। उनके हाँ बेटियाँ पैदा हुईं। |
140 | GEN 6:2 | तब आसमानी हस्तियों ने देखा कि बनी नौ इनसान की बेटियाँ ख़ूबसूरत हैं, और उन्होंने उनमें से कुछ चुनकर उनसे शादी की। |
145 | GEN 6:7 | उसने कहा, “गो मैं ही ने इनसान को ख़लक़ किया मैं उसे रूए-ज़मीन पर से मिटा डालूँगा। मैं न सिर्फ़ लोगों को बल्कि ज़मीन पर चलने-फिरने और रेंगनेवाले जानवरों और हवा के परिंदों को भी हलाक कर दूँगा, क्योंकि मैं पछताता हूँ कि मैंने उनको बनाया।” |
148 | GEN 6:10 | नूह के तीन बेटे थे, सिम, हाम और याफ़त। |
153 | GEN 6:15 | उस की लंबाई 450 फ़ुट, चौड़ाई 75 फ़ुट और ऊँचाई 45 फ़ुट हो। |
156 | GEN 6:18 | लेकिन तेरे साथ मैं अहद बाँधूँगा जिसके तहत तू अपने बेटों, अपनी बीवी और बहुओं के साथ कश्ती में जाएगा। |
164 | GEN 7:4 | एक हफ़ते के बाद मैं चालीस दिन और चालीस रात मुतवातिर बारिश बरसाऊँगा। इससे मैं तमाम जानदारों को रूए-ज़मीन पर से मिटा डालूँगा, अगरचे मैं ही ने उन्हें बनाया है।” |
167 | GEN 7:7 | तूफ़ानी सैलाब से बचने के लिए नूह अपने बेटों, अपनी बीवी और बहुओं के साथ कश्ती में सवार हुआ। |
171 | GEN 7:11 | यह सब कुछ उस वक़्त हुआ जब नूह 600 साल का था। दूसरे महीने के 17वें दिन ज़मीन की गहराइयों में से तमाम चश्मे फूट निकले और आसमान पर पानी के दरीचे खुल गए। |
173 | GEN 7:13 | जब बारिश शुरू हुई तो नूह, उसके बेटे सिम, हाम और याफ़त, उस की बीवी और बहुएँ कश्ती में सवार हो चुके थे। |
180 | GEN 7:20 | बल्कि सबसे ऊँची चोटी पर पानी की गहराई 20 फ़ुट थी। |
183 | GEN 7:23 | यों हर मख़लूक़ को रूए-ज़मीन पर से मिटा दिया गया। इनसान, ज़मीन पर फिरने और रेंगनेवाले जानवर और परिंदे, सब कुछ ख़त्म कर दिया गया। सिर्फ़ नूह और कश्ती में सवार उसके साथी बच गए। |
187 | GEN 8:3 | पानी घटता गया। 150 दिन के बाद वह काफ़ी कम हो गया था। |
188 | GEN 8:4 | सातवें महीने के 17वें दिन कश्ती अरारात के एक पहाड़ पर टिक गई। |
189 | GEN 8:5 | दसवें महीने के पहले दिन पानी इतना कम हो गया था कि पहाड़ों की चोटियाँ नज़र आने लगी थीं। |
195 | GEN 8:11 | शाम के वक़्त वह लौट आया। इस दफ़ा उस की चोंच में ज़ैतून का ताज़ा पत्ता था। तब नूह को मालूम हुआ कि ज़मीन पानी से निकल आई है। |
200 | GEN 8:16 | “अपनी बीवी, बेटों और बहुओं के साथ कश्ती से निकल आ। |
202 | GEN 8:18 | चुनाँचे नूह अपने बेटों, अपनी बीवी और बहुओं समेत निकल आया। |
205 | GEN 8:21 | यह क़ुरबानियाँ देखकर रब ख़ुश हुआ और अपने दिल में कहा, “अब से मैं कभी ज़मीन पर इनसान की वजह से लानत नहीं भेजूँगा, क्योंकि उसका दिल बचपन ही से बुराई की तरफ़ मायल है। अब से मैं कभी इस तरह तमाम जान रखनेवाली मख़लूक़ात को रूए-ज़मीन पर से नहीं मिटाऊँगा। |
206 | GEN 8:22 | दुनिया के मुक़र्ररा औक़ात जारी रहेंगे। बीज बोने और फ़सल काटने का वक़्त, ठंड और तपिश, गरमियों और सर्दियों का मौसम, दिन और रात, यह सब कुछ दुनिया के अख़ीर तक क़ायम रहेगा।” |
207 | GEN 9:1 | फिर अल्लाह ने नूह और उसके बेटों को बरकत देकर कहा, “फलो-फूलो और तादाद में बढ़ते जाओ। दुनिया तुमसे भर जाए। |
214 | GEN 9:8 | तब अल्लाह ने नूह और उसके बेटों से कहा, |
224 | GEN 9:18 | नूह के जो बेटे उसके साथ कश्ती से निकले सिम, हाम और याफ़त थे। हाम कनान का बाप था। |
229 | GEN 9:23 | यह सुनकर सिम और याफ़त ने अपने कंधों पर कपड़ा रखा। फिर वह उलटे चलते हुए डेरे में दाख़िल हुए और कपड़ा अपने बाप पर डाल दिया। उनके मुँह दूसरी तरफ़ मुड़े रहे ताकि बाप की बरहनगी नज़र न आए। |
230 | GEN 9:24 | जब नूह होश में आया तो उसको पता चला कि सबसे छोटे बेटे ने क्या किया है। |
236 | GEN 10:1 | यह नूह के बेटों सिम, हाम और याफ़त का नसबनामा है। उनके बेटे सैलाब के बाद पैदा हुए। |
237 | GEN 10:2 | याफ़त के बेटे जुमर, माजूज, मादी, यावान, तूबल, मसक और तीरास थे। |
238 | GEN 10:3 | जुमर के बेटे अश्कनाज़, रीफ़त और तुजरमा थे। |
239 | GEN 10:4 | यावान के बेटे इलीसा और तरसीस थे। कित्ती और दोदानी भी उस की औलाद हैं। |
241 | GEN 10:6 | हाम के बेटे कूश, मिसर, फ़ूत और कनान थे। |
242 | GEN 10:7 | कूश के बेटे सिबा, हवीला, सबता, रामा और सब्तका थे। रामा के बेटे सबा और ददान थे। |
243 | GEN 10:8 | कूश का एक और बेटा बनाम नमरूद था। वह दुनिया में पहला ज़बरदस्त हाकिम था। |
256 | GEN 10:21 | सिम याफ़त का बड़ा भाई था। उसके भी बेटे पैदा हुए। सिम तमाम बनी इबर का बाप है। |
257 | GEN 10:22 | सिम के बेटे ऐलाम, असूर, अरफ़क्सद, लूद और अराम थे। |
258 | GEN 10:23 | अराम के बेटे ऊज़, हूल, जतर और मस थे। |
259 | GEN 10:24 | अरफ़क्सद का बेटा सिलह और सिलह का बेटा इबर था। |
260 | GEN 10:25 | इबर के हाँ दो बेटे पैदा हुए। एक का नाम फ़लज यानी तक़सीम था, क्योंकि उन ऐयाम में दुनिया तक़सीम हुई। फ़लज के भाई का नाम युक़तान था। |
261 | GEN 10:26 | युक़तान के बेटे अलमूदाद, सलफ़, हसरमावत, इराख़, |
264 | GEN 10:29 | ओफ़ीर, हवीला और यूबाब थे। यह सब युक़तान के बेटे थे। |
267 | GEN 10:32 | यह सब नूह के बेटों के क़बीले हैं, जो अपनी नसलों और क़ौमों के मुताबिक़ दर्ज किए गए हैं। सैलाब के बाद तमाम क़ौमें इन्हीं से निकलकर रूए-ज़मीन पर फैल गईं। |
270 | GEN 11:3 | तब वह एक दूसरे से कहने लगे, “आओ, हम मिट्टी से ईंटें बनाकर उन्हें आग में ख़ूब पकाएँ।” उन्होंने तामीरी काम के लिए पत्थर की जगह ईंटें और मसाले की जगह तारकोल इस्तेमाल किया। |
277 | GEN 11:10 | यह सिम का नसबनामा है : सिम 100 साल का था जब उसका बेटा अरफ़क्सद पैदा हुआ। यह सैलाब के दो साल बाद हुआ। |
278 | GEN 11:11 | इसके बाद वह मज़ीद 500 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भी पैदा हुए। |
280 | GEN 11:13 | इसके बाद वह मज़ीद 403 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भी पैदा हुए। |