Wildebeest analysis examples for:   urd-urdgvh   ै    February 11, 2023 at 19:52    Script wb_pprint_html.py   by Ulf Hermjakob

3  GEN 1:3  फिर अल्लाह ने कहा, “रौशनी हो जाए” तो रौशनीदा हो गई।
4  GEN 1:4  अल्लाह ने देखा कि रौशनी अच्छी, और उसने रौशनी को तारीकी से अलग कर दिया।
6  GEN 1:6  अल्लाह ने कहा, “पानी के दरमियान एक ऐसा गुंबददा हो जाए जिससे निचला पानी ऊपर के पानी से अलग हो जाए।”
9  GEN 1:9  अल्लाह ने कहा, “जो पानी आसमान के नीचे वह एक जगह जमा हो जाए ताकि दूसरी तरफ़ ख़ुश्क जगह नज़र आए।” ऐसा ही हुआ।
10  GEN 1:10  अल्लाह ने ख़ुश्क जगह को ज़मीन का नाम दिया और जमाशुदा पानी को समुंदर का। और अल्लाह ने देखा कि यह अच्छा
11  GEN 1:11  फिर उसने कहा, “ज़मीन हरियावलदा करे, ऐसे पौदे जो बीज रखते हों और ऐसे दरख़्त जिनके फल अपनी अपनी क़िस्म के बीज रखते हों।” ऐसा ही हुआ।
12  GEN 1:12  ज़मीन ने हरियावलदा की, ऐसे पौदे जो अपनी अपनी क़िस्म के बीज रखते और ऐसे दरख़्त जिनके फल अपनी अपनी क़िस्म के बीज रखते थे। अल्लाह ने देखा कि यह अच्छा
14  GEN 1:14  अल्लाह ने कहा, “आसमान पर रौशनियाँदा हो जाएँ ताकि दिन और रात में इम्तियाज़ हो और इसी तरह मुख़्तलिफ़ मौसमों, दिनों और सालों में भी।
18  GEN 1:18  दिन और रात पर हुकूमत करें और रौशनी और तारीकी में इम्तियाज़दा करें। अल्लाह ने देखा कि यह अच्छा
21  GEN 1:21  अल्लाह ने बड़े बड़े समुंदरी जानवर बनाए, पानी की तमाम दीगर मख़लूक़ात और हर क़िस्म के पर रखनेवाले जानदार भी बनाए। अल्लाह ने देखा कि यह अच्छा
24  GEN 1:24  अल्लाह ने कहा, “ज़मीन हर क़िस्म के जानदारदा करे : मवेशी, रेंगनेवाले और जंगली जानवर।” ऐसा ही हुआ।
25  GEN 1:25  अल्लाह ने हर क़िस्म के मवेशी, रेंगनेवाले और जंगली जानवर बनाए। उसने देखा कि यह अच्छा
29  GEN 1:29  अल्लाह ने उनसे मज़ीद कहा, “तमाम बीजदार पौदे और फलदार दरख़्त तुम्हारे हीं। उन्हें तुमको खाने के लिए देता हूँ।
30  GEN 1:30  इस तरहतमाम जानवरों को खाने के लिए हरियाली देता हूँ। जिसमें भी जान वह यह खा सकता, ख़ाह वह ज़मीन पर चलने-फिरनेवाला जानवर, हवा का परिंदा या ज़मीन पर रेंगनेवाला क्यों न हो।” ऐसा ही हुआ।
31  GEN 1:31  अल्लाह ने सब पर नज़र की तो देखा कि वह बहुत अच्छा बन गयाशाम हुई, फिर सुबह। छटा दिन गुज़र गया।
35  GEN 2:4  यह आसमानो-ज़मीन की तख़लीक़ का बयानजब रब ख़ुदा ने आसमानो-ज़मीन को बनाया
36  GEN 2:5  तो शुरू में झाड़ियाँ और पौदे नहीं उगते थे। वजह यह थी कि अल्लाह ने बारिश का इंतज़ाम नहीं किया था। और अभी इनसान भीदा नहीं हुआ था कि ज़मीन की खेतीबाड़ी करता।
42  GEN 2:11  पहली शाख़ का नाम फ़ीसूनवह मुल्के-हवीला को घेरे हुए बहती जहाँ ख़ालिस सोना, गूगल का गूँद और अक़ीक़े-अहमर पाए जातें।
44  GEN 2:13  दूसरी का नामहून जो कूश को घेरे हुए बहती
45  GEN 2:14  तीसरी का नाम दिजला जो असूर के मशरिक़ को जाती और चौथी का नाम फ़ुरात
47  GEN 2:16  लेकिन रब ख़ुदा ने उसे आगाह किया, “तुझे हर दरख़्त का फल खाने की इजाज़त
48  GEN 2:17  लेकिन जिस दरख़्त का फल अच्छे और बुरे की पहचान दिलाता उसका फल खाना मनाअगर उसे खाए तो यक़ीनन मरेगा।”
49  GEN 2:18  रब ख़ुदा ने कहा, “अच्छा नहीं कि आदमी अकेला रहे।उसके लिए एक मुनासिब मददगार बनाता हूँ।”
54  GEN 2:23  उसे देखकर वह पुकार उठा, “वाह! यह तो मुझसी ही, मेरी हड्डियों में से हड्डी और मेरे गोश्त में से गोश्तइसका नाम नारी रखा जाए क्योंकि वह नर से निकाली गई।”
55  GEN 2:24  इसलिए मर्द अपने माँ-बाप को छोड़कर अपनी बीवी के साथवस्त हो जाता, और वह दोनों एक हो जातें।
58  GEN 3:2  औरत ने जवाब दिया, “हरगिज़ नहीं। हम बाग़ का हर फल खा सकतें,
59  GEN 3:3  सिर्फ़ उस दरख़्त के फल से गुरेज़ करना जो बाग़ के बीच मेंअल्लाह ने कहा कि उसका फल न खाओ बल्कि उसे छूना भी नहीं, वरना तुम यक़ीनन मर जाओगे।”
61  GEN 3:5  बल्कि अल्लाह जानता कि जब तुम उसका फल खाओगे तो तुम्हारी आँखें खुल जाएँगी और तुम अल्लाह की मानिंद हो जाओगे, तुम जो भी अच्छा और बुरा उसे जान लोगे।”
62  GEN 3:6  औरत ने दरख़्त पर ग़ौर किया कि खाने के लिए अच्छा और देखने में भी दिलकशसबसे दिलफ़रेब बात यह कि उससे समझ हासिल हो सकती! यह सोचकर उसने उसका फल लेकर उसे खाया। फिर उसने अपने शौहर को भी दे दिया, क्योंकि वह उसके साथ था। उसने भी खा लिया।
63  GEN 3:7  लेकिन खाते ही उनकी आँखें खुल गईं और उनको मालूम हुआ कि हम नंगें। चुनाँचे उन्होंने अंजीर के पत्ते सीकर लुंगियाँ बना लीं।
65  GEN 3:9  रब ख़ुदा ने पुकारकर कहा, “आदम, तू कहाँ?”
66  GEN 3:10  आदम ने जवाब दिया, “मंने तुझे बाग़ में चलते हुए सुना तो डर गया, क्योंकिनंगा हूँ। इसलिएछुप गया।”
67  GEN 3:11  उसने पूछा, “किसने तुझे बताया कि तू नंगा? क्या तूने उस दरख़्त का फल खाया जिसे खाने सेंने मना किया था?”
68  GEN 3:12  आदम ने कहा, “जो औरत तूने मेरे साथ रहने के लिए दी उसने मुझे फल दिया। इसलिएंने खा लिया।”
69  GEN 3:13  अब रब ख़ुदा औरत से मुख़ातिब हुआ, “तूने यह क्यों किया?” औरत ने जवाब दिया, “साँप ने मुझे बहकाया तोंने खाया।”
70  GEN 3:14  रब ख़ुदा ने साँप से कहा, “चूँकि तूने यह किया, इसलिए तू तमाम मवेशियों और जंगली जानवरों में लानतीतू उम्र-भर पेट के बल रेंगेगा और ख़ाक चाटेगा।
71  GEN 3:15  तेरे और औरत के दरमियान दुश्मनीदा करूँगा। उस की औलाद तेरी औलाद की दुश्मन होगी। वह तेरे सर को कुचल डालेगी जबकि तू उस की एड़ी पर काटेगा।”
72  GEN 3:16  फिर रब ख़ुदा औरत से मुख़ातिब हुआ और कहा, “जब तू उम्मीद से होगी तोतेरी तकलीफ़ को बहुत बढ़ाऊँगा। जब तेरे बच्चे होंगे तो तू शदीद दर्द का शिकार होगी। तू अपने शौहर की तमन्ना करेगी लेकिन वह तुझ पर हुकूमत करेगा।”
73  GEN 3:17  आदम से उसने कहा, “तूने अपनी बीवी की बात मानी और उस दरख़्त का फल खाया जिसे खाने सेंने मना किया था। इसलिए तेरे सबब से ज़मीन पर लानतउससे ख़ुराक हासिल करने के लिए तुझे उम्र-भर मेहनत-मशक़्क़त करनी पड़ेगी।
74  GEN 3:18  तेरे लिए वह ख़ारदार पौदे और ऊँटकटारेदा करेगी, हालाँकि तू उससे अपनी ख़ुराक भी हासिल करेगा।
75  GEN 3:19  पसीना बहा बहाकर तुझे रोटी कमाने के लिए भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। और यह सिलसिला मौत तक जारी रहेगा। तू मेहनत करते करते दुबारा ज़मीन में लौट जाएगा, क्योंकि तू उसी से लिया गयातू ख़ाक और दुबारा ख़ाक में मिल जाएगा।”
78  GEN 3:22  उसने कहा, “इनसान हमारी मानिंद हो गया, वह अच्छे और बुरे का इल्म रखताअब ऐसा न हो कि वह हाथ बढ़ाकर ज़िंदगी बख़्शनेवाले दरख़्त के फल से ले और उससे खाकर हमेशा तक ज़िंदा रहे।”
81  GEN 4:1  आदम हव्वा से हमबिसतर हुआ तो उनका पहला बेटा क़ाबीलदा हुआ। हव्वा ने कहा, “रब की मदद सेंने एक मर्द हासिल किया।”
82  GEN 4:2  बाद में क़ाबील का भाई हाबीलदा हुआ। हाबील भेड़-बकरियों का चरवाहा बन गया जबकि क़ाबील खेतीबाड़ी करने लगा।
86  GEN 4:6  रब ने पूछा, “तू ग़ुस्से में क्यों आ गया? तेरा मुँह क्यों लटका हुआ?
87  GEN 4:7  क्या अगर तू अच्छी नीयत रखता तो अपनी नज़र उठाकर मेरी तरफ़ नहीं देख सकेगा? लेकिन अगर अच्छी नीयत नहीं रखता तो ख़बरदार! गुनाह दरवाज़े पर दबकाठा और तुझे चाहतालेकिन तेरा फ़र्ज़ कि उस पर ग़ालिब आए।”
88  GEN 4:8  एक दिन क़ाबील ने अपने भाई से कहा, “आओ, हम बाहर खुलेदान में चलें।” और जब वह खुलेदान में थे तो क़ाबील ने अपने भाई हाबील पर हमला करके उसे मार डाला।
89  GEN 4:9  तब रब ने क़ाबील से पूछा, “तेरा भाई हाबील कहाँ?” क़ाबील ने जवाब दिया, “मुझे क्या पता! क्या अपने भाई की देख-भाल करना मेरी ज़िम्मादारी?”
90  GEN 4:10  रब ने कहा, “तूने क्या किया? तेरे भाई का ख़ून ज़मीन में से पुकारकर मुझसे फ़रियाद कर रहा
91  GEN 4:11  इसलिए तुझ पर लानत और ज़मीन ने तुझे रद्द किया, क्योंकि ज़मीन को मुँह खोलकर तेरे हाथ से क़त्ल किए हुए भाई का ख़ून पीना पड़ा।
92  GEN 4:12  अब से जब तू खेतीबाड़ी करेगा तो ज़मीन अपनीदावार देने से इनकार करेगी। तू मफ़रूर होकर मारा मारा फिरेगा।”
93  GEN 4:13  क़ाबील ने कहा, “मेरी सज़ा निहायत सख़्तइसे बरदाश्त नहीं कर पाऊँगा।
94  GEN 4:14  आज तू मुझे ज़मीन की सतह से भगा रहा और मुझे तेरे हुज़ूर से भी छुप जानामफ़रूर कीसियत से मारा मारा फिरता रहूँगा, इसलिए जिसको भी पता चलेगा किकहाँ हूँ वह मुझे क़त्ल कर डालेगा।”
97  GEN 4:17  क़ाबील की बीवी हामिला हुई। बेटादा हुआ जिसका नाम हनूक रखा गया। क़ाबील ने एक शहर तामीर किया और अपने बेटे की ख़ुशी में उसका नाम हनूक रखा।
100  GEN 4:20  अदा का बेटा याबल था। उस की नसल के लोग ख़मों में रहते और मवेशी पालते थे।
102  GEN 4:22  ज़िल्ला के भी बेटादा हुआ जिसका नाम तूबल-क़ाबील था। वह लोहार था। उस की नसल के लोग पीतल और लोहे की चीज़ें बनाते थे। तूबल-क़ाबील की बहन का नाम नामा था।
104  GEN 4:24  एक आदमी ने मुझे ज़ख़मी किया तोंने उसे मार डाला। एक लड़के ने मेरे चोट लगाई तोंने उसे क़त्ल कर दिया। जो क़ाबील को क़त्ल करे उससे सात गुना बदला लिया जाएगा, लेकिन जो लमक को क़त्ल करे उससे सतत्तर गुना बदला लिया जाएगा।”
105  GEN 4:25  आदम और हव्वा का एक और बेटादा हुआ। हव्वा ने उसका नाम सेत रखकर कहा, “अल्लाह ने मुझे हाबील की जगह जिसे क़ाबील ने क़त्ल किया एक और बेटा बख़्शा।”
106  GEN 4:26  सेत के हाँ भी बेटादा हुआ। उसने उसका नाम अनूस रखा। उन दिनों में लोग रब का नाम लेकर इबादत करने लगे।
107  GEN 5:1  ज़में आदम का नसबनामा दर्जजब अल्लाह ने इनसान को ख़लक़ किया तो उसने उसे अपनी सूरत पर बनाया।
108  GEN 5:2  उसने उन्हें मर्द और औरतदा किया। और जिस दिन उसने उन्हें ख़लक़ किया उसने उन्हें बरकत देकर उनका नाम आदम यानी इनसान रखा।
109  GEN 5:3  आदम की उम्र 130 साल थी जब उसका बेटा सेतदा हुआ। सेत सूरत के लिहाज़ से अपने बाप की मानिंद था, वह उससे मुशाबहत रखता था।
110  GEN 5:4  सेत कीदाइश के बाद आदम मज़ीद 800 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भीदा हुए।
112  GEN 5:6  सेत 105 साल का था जब उसका बेटा अनूसदा हुआ।
113  GEN 5:7  इसके बाद वह मज़ीद 807 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भीदा हुए।
115  GEN 5:9  अनूस 90 बरस का था जब उसका बेटा क़ीनानदा हुआ।
116  GEN 5:10  इसके बाद वह मज़ीद 815 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भीदा हुए।
118  GEN 5:12  क़ीनान 70 साल का था जब उसका बेटा महललेलदा हुआ।
119  GEN 5:13  इसके बाद वह मज़ीद 840 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भीदा हुए।
121  GEN 5:15  महललेल 65 साल का था जब उसका बेटा यारिददा हुआ।
122  GEN 5:16  इसके बाद वह मज़ीद 830 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भीदा हुए।
124  GEN 5:18  यारिद 162 साल का था जब उसका बेटा हनूकदा हुआ।
125  GEN 5:19  इसके बाद वह मज़ीद 800 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भीदा हुए।
127  GEN 5:21  हनूक 65 साल का था जब उसका बेटा मतूसिलहदा हुआ।
128  GEN 5:22  इसके बाद वह मज़ीद 300 साल अल्लाह के साथ चलता रहा। उसके और बेटे-बेटियाँ भीदा हुए।
131  GEN 5:25  मतूसिलह 187 साल का था जब उसका बेटा लमकदा हुआ।
132  GEN 5:26  वह मज़ीद 782 साल ज़िंदा रहा। उसके और बेटे और बेटियाँ भीदा हुए।