|
23659 | ईसा ने पूछा, “क्या तुमको इन तमाम बातों की समझ आ गई है?” “जी,” शागिर्दों ने जवाब दिया। | |
23911 | उन्होंने उससे पूछा, “क्या आप सुन रहे हैं कि यह बच्चे क्या कह रहे हैं?” “जी,” ईसा ने जवाब दिया, “क्या तुमने कलामे-मुक़द्दस में कभी नहीं पढ़ा कि ‘तूने छोटे बच्चों और शीरख़ारों की ज़बान को तैयार किया है ताकि वह तेरी तमजीद करें’?” | |
24261 | “जनाब,” उन्होंने कहा, “हमें याद आया कि जब वह धोकेबाज़ अभी ज़िंदा था तो उसने कहा था, ‘तीन दिन के बाद मैं जी उठूँगा।’ |