Wildebeest analysis examples for:   urd-urdgvh   ‘Word    February 11, 2023 at 19:52    Script wb_pprint_html.py   by Ulf Hermjakob

311  GEN 12:12  मिसरी तुझे देखेंगे, फिर कहेंगे, ‘यह इसका शौहर है।’ नतीजे में वह मुझे मार डालेंगे और तुझे ज़िंदा छोड़ेंगे।
360  GEN 14:23  कि मैं उसमें से कुछ नहीं लूँगा जो आपका है, चाहे वह धागा या जूती का तसमा ही क्यों न हो। ऐसा न हो कि आप कहें, ‘मैंने अब्राम को दौलतमंद बना दिया है।’
393  GEN 16:11  रब के फ़रिश्ते ने मज़ीद कहा, “तू उम्मीद से है। एक बेटा पैदा होगा। उसका नाम इसमाईल यानी ‘अल्लाह सुनता है’ रख, क्योंकि रब ने मुसीबत में तेरी आवाज़ सुनी।
395  GEN 16:13  रब के उसके साथ बात करने के बाद हाजिरा ने उसका नाम अत्ताएल-रोई यानी ‘तू एक माबूद है जो मुझे देखता है’ रखा। उसने कहा, “क्या मैंने वाक़ई उसके पीछे देखा है जिसने मुझे देखा है?”
396  GEN 16:14  इसलिए उस जगह के कुएँ का नाम ‘बैर-लही-रोई’ यानी ‘उस ज़िंदा हस्ती का कुआँ जो मुझे देखता है’ पड़ गया। वह क़ादिस और बरद के दरमियान वाक़े है।
403  GEN 17:5  अब से तू अब्राम यानी ‘अज़ीम बाप’ नहीं कहलाएगा बल्कि तेरा नाम इब्राहीम यानी ‘बहुत क़ौमों का बाप’ होगा। क्योंकि मैंने तुझे बहुत क़ौमों का बाप बना दिया है।
417  GEN 17:19  अल्लाह ने कहा, “नहीं, तेरी बीवी सारा के हाँ बेटा पैदा होगा। तू उसका नाम इसहाक़ यानी ‘वह हँसता है’ रखना। मैं उसके और उस की औलाद के साथ अबदी अहद बाँधूँगा।
438  GEN 18:13  रब ने इब्राहीम से पूछा, “सारा क्यों हँस रही है? वह क्यों कह रही है, ‘क्या वाक़ई मेरे हाँ बच्चा पैदा होगा जबकि मैं इतनी उम्ररसीदा हूँ?’
509  GEN 20:13  फिर जब अल्लाह ने होने दिया कि मैं अपने बाप के घराने से निकलकर इधर-उधर फिरूँ तो मैंने अपनी बीवी से कहा, ‘मुझ पर यह मेहरबानी कर कि जहाँ भी हम जाएँ मेरे बारे में कह देना कि वह मेरा भाई है’।”
517  GEN 21:3  इब्राहीम ने अपने इस बेटे का नाम इसहाक़ यानी ‘वह हँसता है’ रखा।
545  GEN 21:31  इसलिए उस जगह का नाम बैर-सबा यानी ‘क़सम का कुआँ’ रखा गया, क्योंकि वहाँ उन दोनों मर्दों ने क़सम खाई।
606  GEN 24:14  मैं उनमें से किसी से कहूँगा, ‘ज़रा अपना घड़ा नीचे करके मुझे पानी पिलाएँ।’ अगर वह जवाब दे, ‘पी लें, मैं आपके ऊँटों को भी पानी पिला देती हूँ,’ तो वह वही होगी जिसे तूने अपने ख़ादिम इसहाक़ के लिए चुन रखा है। अगर ऐसा हुआ तो मैं जान लूँगा कि तूने मेरे आक़ा पर मेहरबानी की है।”
629  GEN 24:37  लेकिन मेरे आक़ा ने मुझसे कहा, ‘क़सम खाओ कि तुम इन कनानियों में से जिनके दरमियान मैं रहता हूँ मेरे बेटे के लिए बीवी नहीं लाओगे
631  GEN 24:39  मैंने अपने मालिक से कहा, ‘शायद वह औरत मेरे साथ आना न चाहे।’
632  GEN 24:40  उसने कहा, ‘रब जिसके सामने मैं चलता रहा हूँ अपने फ़रिश्ते को तुम्हारे साथ भेजेगा और तुम्हें कामयाबी बख़्शेगा। तुम्हें ज़रूर मेरे रिश्तेदारों और मेरे बाप के घराने से मेरे बेटे के लिए बीवी मिलेगी।
634  GEN 24:42  आज जब मैं कुएँ के पास आया तो मैंने दुआ की, ‘ऐ रब, मेरे आक़ा के ख़ुदा, अगर तेरी मरज़ी हो तो मुझे इस मिशन में कामयाबी बख़्श जिसके लिए मैं यहाँ आया हूँ।
637  GEN 24:45  मैं अभी दिल में यह दुआ कर रहा था कि रिबक़ा शहर से निकल आई। उसके कंधे पर घड़ा था। वह चश्मे तक उतरी और अपना घड़ा भर लिया। मैंने उससे कहा, ‘ज़रा मुझे पानी पिलाएँ।’
638  GEN 24:46  जवाब में उसने जल्दी से अपने घड़े को कंधे पर से उतारकर कहा, ‘पी लें, मैं आपके ऊँटों को भी पानी पिलाती हूँ।’ मैंने पानी पिया, और उसने ऊँटों को भी पानी पिलाया।
639  GEN 24:47  फिर मैंने उससे पूछा, ‘आप किसकी बेटी हैं?’ उसने जवाब दिया, ‘मेरा बाप बतुएल है। वह नहूर और मिलकाह का बेटा है।’ फिर मैंने उस की नाक में नथ और उस की कलाइयों में कंगन पहना दिए।
685  GEN 25:26  इसके बाद दूसरा बच्चा पैदा हुआ। वह एसौ की एड़ी पकड़े हुए निकला, इसलिए उसका नाम याक़ूब यानी ‘एड़ी पकड़नेवाला’ रखा गया। उस वक़्त इसहाक़ 60 साल का था।
715  GEN 26:22  वहाँ से जाकर उसने एक तीसरा कुआँ खुदवाया। इस दफ़ा कोई झगड़ा न हुआ, इसलिए उसने उसका नाम रहोबोत यानी ‘खुली जगह’ रखा। क्योंकि उसने कहा, “रब ने हमें खुली जगह दी है, और अब हम मुल्क में फलें-फूलेंगे।”
735  GEN 27:7  ‘मेरे लिए किसी जानवर का शिकार करके ले आ। उसे तैयार करके मेरे लिए लज़ीज़ खाना पका। मरने से पहले मैं यह खाना खाकर तुझे रब के सामने बरकत देना चाहता हूँ।’
793  GEN 28:19  उसने मक़ाम का नाम बैतेल यानी ‘अल्लाह का घर’ रखा (पहले साथवाले शहर का नाम लूज़ था)।
828  GEN 29:32  लियाह हामिला हुई और उसके बेटा पैदा हुआ। उसने कहा, “रब ने मेरी मुसीबत देखी है और अब मेरा शौहर मुझे प्यार करेगा।” उसने उसका नाम रूबिन यानी ‘देखो एक बेटा’ रखा।
829  GEN 29:33  वह दुबारा हामिला हुई। एक और बेटा पैदा हुआ। उसने कहा, “रब ने सुना कि मुझसे नफ़रत की जाती है, इसलिए उसने मुझे यह भी दिया है।” उसने उसका नाम शमौन यानी ‘रब ने सुना है’ रखा।
837  GEN 30:6  राख़िल ने कहा, “अल्लाह ने मेरे हक़ में फ़ैसला दिया है। उसने मेरी दुआ सुनकर मुझे बेटा दे दिया है।” उसने उसका नाम दान यानी ‘किसी के हक़ में फ़ैसला करनेवाला’ रखा।
839  GEN 30:8  राख़िल ने कहा, “मैंने अपनी बहन से सख़्त कुश्ती लड़ी है, लेकिन जीत गई हूँ।” उसने उसका नाम नफ़ताली यानी ‘कुश्ती में मुझसे जीता गया’ रखा।
855  GEN 30:24  रब मुझे एक और बेटा दे।” उसने उसका नाम यूसुफ़ यानी ‘वह और दे’ रखा।
882  GEN 31:8  जब मामूँ लाबन कहते थे, ‘जिन जानवरों के जिस्म पर धब्बे हों वही आपको उजरत के तौर पर मिलेंगे’ तो तमाम भेड़-बकरियों के ऐसे बच्चे पैदा हुए जिनके जिस्मों पर धब्बे ही थे। जब उन्होंने कहा, ‘जिन जानवरों के जिस्म पर धारियाँ होंगी वही आपको उजरत के तौर पर मिलेंगे’ तो तमाम भेड़-बकरियों के ऐसे बच्चे पैदा हुए जिनके जिस्मों पर धारियाँ ही थीं।
886  GEN 31:12  फ़रिश्ते ने कहा, ‘अपनी नज़र उठाकर उस पर ग़ौर कर जो हो रहा है। वह तमाम मेंढे और बकरे जो भेड़-बकरियों से मिलाप कर रहे हैं उनके जिस्म पर बड़े और छोटे धब्बे और धारियाँ हैं। मैं यह ख़ुद करवा रहा हूँ, क्योंकि मैंने वह सब कुछ देख लिया है जो लाबन ने तेरे साथ किया है।
921  GEN 31:47  लाबन ने उसका नाम यजर-शाहदूथा रखा जबकि याक़ूब ने जल-एद रखा। दोनों नामों का मतलब ‘गवाही का ढेर’ है यानी वह ढेर जो गवाही देता है।
923  GEN 31:49  उसका एक और नाम मिसफ़ाह यानी ‘पहरेदारों का मीनार’ भी रखा गया। क्योंकि लाबन ने कहा, “रब हम पर पहरा दे जब हम एक दूसरे से अलग हो जाएंगे।
931  GEN 32:3  उन्हें देखकर उसने कहा, “यह अल्लाह की लशकरगाह है।” उसने उस मक़ाम का नाम महनायम यानी ‘दो लशकरगाहें’ रखा।
938  GEN 32:10  फिर याक़ूब ने दुआ की, “ऐ मेरे दादा इब्राहीम और मेरे बाप इसहाक़ के ख़ुदा, मेरी दुआ सुन! ऐ रब, तूने ख़ुद मुझे बताया, ‘अपने मुल्क और रिश्तेदारों के पास वापस जा, और मैं तुझे कामयाबी दूँगा।’
941  GEN 32:13  तूने ख़ुद कहा था, ‘मैं तुझे कामयाबी दूँगा और तेरी औलाद इतनी बढ़ाऊँगा कि वह समुंदर की रेत की मानिंद बेशुमार होगी’।”
946  GEN 32:18  जो नौकर पहले रेवड़ लेकर आगे निकला उससे याक़ूब ने कहा, “मेरा भाई एसौ तुमसे मिलेगा और पूछेगा, ‘तुम्हारा मालिक कौन है? तुम कहाँ जा रहे हो? तुम्हारे सामने के जानवर किसके हैं?’
947  GEN 32:19  जवाब में तुम्हें कहना है, ‘यह आपके ख़ादिम याक़ूब के हैं। यह तोह्फ़ा हैं जो वह अपने मालिक एसौ को भेज रहे हैं। याक़ूब हमारे पीछे पीछे आ रहे हैं’।”
949  GEN 32:21  तुम्हें यह भी ज़रूर कहना है, आपके ख़ादिम याक़ूब हमारे पीछे आ रहे हैं।” क्योंकि याक़ूब ने सोचा, ‘मैं इन तोह्फ़ों से उसके साथ सुलह करूँगा। फिर जब उससे मुलाक़ात होगी तो शायद वह मुझे क़बूल कर ले।’
957  GEN 32:29  आदमी ने कहा, “अब से तेरा नाम याक़ूब नहीं बल्कि इसराईल यानी ‘वह अल्लाह से लड़ता है’ होगा। क्योंकि तू अल्लाह और आदमियों के साथ लड़कर ग़ालिब आया है।”
981  GEN 33:20  वहाँ उसने क़ुरबानगाह बनाई जिसका नाम उसने ‘एल ख़ुदाए-इसराईल’ रखा।
1019  GEN 35:7  याक़ूब ने वहाँ क़ुरबानगाह बनाकर मक़ाम का नाम बैतेल यानी ‘अल्लाह का घर’ रखा। क्योंकि वहाँ अल्लाह ने अपने आपको उस पर ज़ाहिर किया था जब वह अपने भाई से फ़रार हो रहा था।
1020  GEN 35:8  वहाँ रिबक़ा की दाया दबोरा मर गई। वह बैतेल के जुनूब में बलूत के दरख़्त के नीचे दफ़न हुई, इसलिए उसका नाम अल्लोन-बकूत यानी ‘रोने का बलूत का दरख़्त’ रखा गया।
1030  GEN 35:18  लेकिन वह दम तोड़नेवाली थी, और मरते मरते उसने उसका नाम बिन-ऊनी यानी ‘मेरी मुसीबत का बेटा’ रखा। लेकिन उसके बाप ने उसका नाम बिनयमीन यानी ‘दहने हाथ या ख़ुशक़िसमती का बेटा’ रखा।
1247  GEN 41:51  उसने पहले का नाम मनस्सी यानी ‘जो भुला देता है’ रखा। क्योंकि उसने कहा, “अल्लाह ने मेरी मुसीबत और मेरे बाप का घराना मेरी याददाश्त से निकाल दिया है।”
1248  GEN 41:52  दूसरे का नाम उसने इफ़राईम यानी ‘दुगना फलदार’ रखा। क्योंकि उसने कहा, “अल्लाह ने मुझे मेरी मुसीबत के मुल्क में फलने फूलने दिया है।”
1284  GEN 42:31  लेकिन हमने उससे कहा, ‘हम जासूस नहीं बल्कि शरीफ़ लोग हैं।
1286  GEN 42:33  फिर उस मुल्क के मालिक ने हमसे कहा, ‘इससे मुझे पता चलेगा कि तुम शरीफ़ लोग हो कि एक भाई को मेरे पास छोड़ दो और अपने भूके घरवालों के लिए ख़ुराक लेकर चले जाओ।
1294  GEN 43:3  लेकिन यहूदाह ने कहा, “उस मर्द ने सख़्ती से कहा था, ‘तुम सिर्फ़ इस सूरत में मेरे पास आ सकते हो कि तुम्हारा भाई साथ हो।’
1298  GEN 43:7  उन्होंने जवाब दिया, “वह आदमी हमारे और हमारे ख़ानदान के बारे में पूछता रहा, ‘क्या तुम्हारा बाप अब तक ज़िंदा है? क्या तुम्हारा कोई और भाई है?’ फिर हमें जवाब देना पड़ा। हमें क्या पता था कि वह हमें अपने भाई को साथ लाने को कहेगा।”
1329  GEN 44:4  वह अभी शहर से निकलकर दूर नहीं गए थे कि यूसुफ़ ने अपने घर पर मुक़र्रर मुलाज़िम से कहा, “जल्दी करो। उन आदमियों का ताक़्क़ुब करो। उनके पास पहुँचकर यह पूछना, ‘आपने हमारी भलाई के जवाब में ग़लत काम क्यों किया है?
1344  GEN 44:19  जनाबे-आली, आपने हमसे पूछा, ‘क्या तुम्हारा बाप या कोई और भाई है?’
1345  GEN 44:20  हमने जवाब दिया, ‘हमारा बाप है। वह बूढ़ा है। हमारा एक छोटा भाई भी है जो उस वक़्त पैदा हुआ जब हमारा बाप उम्ररसीदा था। उस लड़के का भाई मर चुका है। उस की माँ के सिर्फ़ यह दो बेटे पैदा हुए। अब वह अकेला ही रह गया है। उसका बाप उसे शिद्दत से प्यार करता है।’
1346  GEN 44:21  जनाबे-आली, आपने हमें बताया, ‘उसे यहाँ ले आओ ताकि मैं ख़ुद उसे देख सकूँ।’
1347  GEN 44:22  हमने जवाब दिया, ‘यह लड़का अपने बाप को छोड़ नहीं सकता, वरना उसका बाप मर जाएगा।’
1348  GEN 44:23  फिर आपने कहा, ‘तुम सिर्फ़ इस सूरत में मेरे पास आ सकोगे कि तुम्हारा सबसे छोटा भाई तुम्हारे साथ हो।’
1350  GEN 44:25  फिर उन्होंने हमसे कहा, ‘मिसर लौटकर कुछ ग़ल्ला ख़रीद लाओ।’
1351  GEN 44:26  हमने जवाब दिया, ‘हम जा नहीं सकते। हम सिर्फ़ इस सूरत में उस मर्द के पास जा सकते हैं कि हमारा सबसे छोटा भाई साथ हो। हम तब ही जा सकते हैं जब वह भी हमारे साथ चले।’
1352  GEN 44:27  हमारे बाप ने हमसे कहा, ‘तुम जानते हो कि मेरी बीवी राख़िल से मेरे दो बेटे पैदा हुए।
1357  GEN 44:32  न सिर्फ़ यह बल्कि मैंने बाप से कहा, ‘मैं ख़ुद इसका ज़ामिन हूँगा। अगर मैं इसे सलामती से वापस न पहुँचाऊँ तो फिर मैं ज़िंदगी के आख़िर तक क़ुसूरवार ठहरूँगा।’
1368  GEN 45:9  अब जल्दी से मेरे बाप के पास वापस जाकर उनसे कहो, ‘आपका बेटा यूसुफ़ आपको इत्तला देता है कि अल्लाह ने मुझे मिसर का मालिक बना दिया है। मेरे पास आ जाएँ, देर न करें।
1419  GEN 46:32  मैं उससे कहूँगा, ‘यह आदमी भेड़-बकरियों के चरवाहे हैं। वह मवेशी पालते हैं, इसलिए अपनी भेड़-बकरियाँ, गाय-बैल और बाक़ी सारा माल अपने साथ ले आए हैं।’
1421  GEN 46:34  फिर तुमको जवाब देना है, ‘आपके ख़ादिम बचपन से मवेशी पालते आए हैं। यह हमारे बापदादा का पेशा था और हमारा भी है।’ अगर तुम यह कहो तो तुम्हें जुशन में रहने की इजाज़त मिलेगी। क्योंकि भेड़-बकरियों के चरवाहे मिसरियों की नज़र में क़ाबिले-नफ़रत हैं।”
1456  GEN 48:4  कहा, ‘मैं तुझे फलने फूलने दूँगा और तेरी औलाद बढ़ा दूँगा बल्कि तुझसे बहुत-सी क़ौमें निकलने दूँगा। और मैं तेरी औलाद को यह मुल्क हमेशा के लिए दे दूँगा।’
1472  GEN 48:20  उस दिन उसने दोनों बेटों को बरकत देकर कहा, “इसराईली तुम्हारा नाम लेकर बरकत दिया करेंगे। जब वह बरकत देंगे तो कहेंगे, ‘अल्लाह आपके साथ वैसा करे जैसा उसने इफ़राईम और मनस्सी के साथ किया है’।” इस तरह याक़ूब ने इफ़राईम को मनस्सी से बड़ा बना दिया।
1512  GEN 50:5  कि मेरे बाप ने मुझे क़सम दिलाकर कहा था, ‘मैं मरनेवाला हूँ। मुझे उस क़ब्र में दफ़न करना जो मैंने मुल्के-कनान में अपने लिए बनवाई।’ अब मुझे इजाज़त दें कि मैं वहाँ जाऊँ और अपने बाप को दफ़न करके वापस आऊँ।”
1518  GEN 50:11  जब मक़ामी कनानियों ने अतद के खलियान पर मातम का यह नज़ारा देखा तो उन्होंने कहा, “यह तो मातम का बहुत बड़ा इंतज़ाम है जो मिसरी करवा रहे हैं।” इसलिए उस जगह का नाम अबील-मिसरीम यानी ‘मिसरियों का मातम’ पड़ गया।
1524  GEN 50:17  कि यूसुफ़ को बताना, ‘अपने भाइयों के उस ग़लत काम को मुआफ़ कर देना जो उन्होंने तुम्हारे साथ किया।’ अब हमें जो आपके बाप के ख़ुदा के पैरोकार हैं मुआफ़ कर दें।” यह ख़बर सुनकर यूसुफ़ रो पड़ा।
1565  EXO 2:10  जब बच्चा बड़ा हुआ तो उस की माँ उसे फ़िरौन की बेटी के पास ले गई, और वह उसका बेटा बन गया। फ़िरौन की बेटी ने उसका नाम मूसा यानी ‘निकाला गया’ रखकर कहा, “मैं उसे पानी से निकाल लाई हूँ।”
1577  EXO 2:22  सफ़्फ़ूरा के बेटा पैदा हुआ तो मूसा ने कहा, “इसका नाम जैरसोम यानी ‘अजनबी मुल्क में परदेसी’ हो, क्योंकि मैं अजनबी मुल्क में परदेसी हूँ।”
1593  EXO 3:13  लेकिन मूसा ने एतराज़ किया, “अगर मैं इसराईलियों के पास जाकर उन्हें बताऊँ कि तुम्हारे बापदादा के ख़ुदा ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है तो वह पूछेंगे, ‘उसका नाम क्या है?’ फिर मैं उनको क्या जवाब दूँ?”
1594  EXO 3:14  अल्लाह ने कहा, “मैं जो हूँ सो मैं हूँ। उनसे कहना, ‘मैं हूँ ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।
1596  EXO 3:16  अब जा और इसराईल के बुज़ुर्गों को जमा करके उनको बता दे कि रब तुम्हारे बापदादा इब्राहीम, इसहाक़ और याक़ूब का ख़ुदा मुझ पर ज़ाहिर हुआ है। वह फ़रमाता है, ‘मैंने ख़ूब देख लिया है कि मिसर में तुम्हारे साथ क्या सुलूक हो रहा है।
1598  EXO 3:18  बुज़ुर्ग तेरी सुनेंगे। फिर उनके साथ मिसर के बादशाह के पास जाकर उससे कहना, ‘रब इबरानियों का ख़ुदा हम पर ज़ाहिर हुआ है। इसलिए हमें इजाज़त दें कि हम तीन दिन का सफ़र करके रेगिस्तान में रब अपने ख़ुदा के लिए क़ुरबानियाँ चढ़ाएँ।’
1603  EXO 4:1  मूसा ने एतराज़ किया, “लेकिन इसराईली न मेरी बात का यक़ीन करेंगे, न मेरी सुनेंगे। वह तो कहेंगे, ‘रब तुम पर ज़ाहिर नहीं हुआ’।”
1624  EXO 4:22  उस वक़्त फ़िरौन को बता देना, ‘रब फ़रमाता है कि इसराईल मेरा पहलौठा है।
1628  EXO 4:26  तब अल्लाह ने मूसा को छोड़ दिया। सफ़्फ़ूरा ने उसे ख़तने के बाइस ही ‘ख़ूनी दूल्हा’ कहा था।
1634  EXO 5:1  फिर मूसा और हारून फ़िरौन के पास गए। उन्होंने कहा, “रब इसराईल का ख़ुदा फ़रमाता है, ‘मेरी क़ौम को रेगिस्तान में जाने दे ताकि वह मेरे लिए ईद मनाएँ’।”
1662  EXO 6:6  चुनाँचे इसराईलियों को बताना, ‘मैं रब हूँ। मैं तुम्हें मिसरियों के जुए से आज़ाद करूँगा और उनकी ग़ुलामी से बचाऊँगा। मैं बड़ी क़ुदरत के साथ तुम्हें छुड़ाऊँगा और उनकी अदालत करूँगा।
1702  EXO 7:16  जब वह वहाँ पहुँचे तो उससे कहना, ‘रब इबरानियों के ख़ुदा ने मुझे आपको यह बताने के लिए भेजा है कि मेरी क़ौम को मेरी इबादत करने के लिए रेगिस्तान में जाने दे। लेकिन आपने अभी तक उस की नहीं सुनी।
1712  EXO 7:26  फिर रब ने मूसा से कहा, “फ़िरौन के पास जाकर उसे बता देना कि रब फ़रमाता है, ‘मेरी क़ौम को मेरी इबादत करने के लिए जाने दे,
1731  EXO 8:16  फिर रब ने मूसा से कहा, “जब फ़िरौन सुबह-सवेरे दरिया पर जाए तो तू उसके रास्ते में खड़ा हो जाना। उसे कहना कि रब फ़रमाता है, ‘मेरी क़ौम को जाने दे ताकि वह मेरी इबादत कर सकें।
1744  EXO 9:1  फिर रब ने मूसा से कहा, “फ़िरौन के पास जाकर उसे बता कि रब इबरानियों का ख़ुदा फ़रमाता है, ‘मेरी क़ौम को जाने दे ताकि वह मेरी इबादत कर सकें।’
1756  EXO 9:13  इसके बाद रब ने मूसा से कहा, “सुबह-सवेरे उठ और फ़िरौन के सामने खड़े होकर उसे बता कि रब इबरानियों का ख़ुदा फ़रमाता है, ‘मेरी क़ौम को जाने दे ताकि वह मेरी इबादत कर सकें।
1781  EXO 10:3  मूसा और हारून फ़िरौन के पास गए। उन्होंने उससे कहा, “रब इबरानियों के ख़ुदा का फ़रमान है, ‘तू कब तक मेरे सामने हथियार डालने से इनकार करेगा? मेरी क़ौम को मेरी इबादत करने के लिए जाने दे,
1811  EXO 11:4  मूसा ने कहा, “रब फ़रमाता है, ‘आज आधी रात के वक़्त मैं मिसर में से गुज़रूँगा।
1815  EXO 11:8  मूसा ने यह कुछ फ़िरौन को बताया फिर कहा, “उस वक़्त आपके तमाम ओहदेदार आकर मेरे सामने झुक जाएंगे और मिन्नत करेंगे, ‘अपने पैरोकारों के साथ चले जाएँ।’ तब मैं चला ही जाऊँगा।” यह कहकर मूसा फ़िरौन के पास से चला गया। वह बड़े ग़ुस्से में था।
1844  EXO 12:27  तो उनसे कहो, ‘यह फ़सह की क़ुरबानी है जो हम रब को पेश करते हैं। क्योंकि जब रब मिसरियों को हलाक कर रहा था तो उसने हमारे घरों को छोड़ दिया था’।” यह सुनकर इसराईलियों ने अल्लाह को सिजदा किया।
1876  EXO 13:8  उस दिन अपने बेटे से यह कहो, ‘मैं यह ईद उस काम की ख़ुशी में मनाता हूँ जो रब ने मेरे लिए किया जब मैं मिसर से निकला।’
1882  EXO 13:14  आनेवाले दिनों में जब तुम्हारा बेटा पूछे कि इसका क्या मतलब है तो उसे जवाब देना, ‘रब अपनी अज़ीम क़ुदरत से हमें मिसर की ग़ुलामी से निकाल लाया।
1930  EXO 15:9  दुश्मन ने डींग मारकर कहा, ‘मैं उनका पीछा करके उन्हें पकड़ लूँगा, मैं उनका लूटा हुआ माल तक़सीम करूँगा। मेरी लालची जान उनसे सेर हो जाएगी, मैं अपनी तलवार खींचकर उन्हें हलाक करूँगा।’
1957  EXO 16:9  मूसा ने हारून से कहा, “इसराईलियों को बताना, ‘रब के सामने हाज़िर हो जाओ, क्योंकि उसने तुम्हारी शिकायतें सुन ली हैं’।”
1960  EXO 16:12  “मैंने इसराईलियों की शिकायत सुन ली है। उन्हें बता, ‘आज जब सूरज ग़ुरूब होने लगेगा तो तुम गोश्त खाओगे और कल सुबह पेट भरकर रोटी। फिर तुम जान लोगे कि मैं रब तुम्हारा ख़ुदा हूँ’।”
1980  EXO 16:32  मूसा ने कहा, “रब फ़रमाता है, ‘दो लिटर मन एक मरतबान में रखकर उसे आनेवाली नसलों के लिए महफ़ूज़ रखना। फिर वह देख सकेंगे कि मैं तुम्हें क्या खाना खिलाता रहा जब तुम्हें मिसर से निकाल लाया’।”
1991  EXO 17:7  उसने उस जगह का नाम मस्सा और मरीबा यानी ‘आज़माना और झगड़ना’ रखा, क्योंकि वहाँ इसराईली बुड़बुड़ाए और यह पूछकर रब को आज़माया कि क्या रब हमारे दरमियान है कि नहीं?
1999  EXO 17:15  उस वक़्त मूसा ने क़ुरबानगाह बनाकर उसका नाम ‘रब मेरा झंडा है’ रखा।
2003  EXO 18:3  यितरो मूसा के दोनों बेटों को भी साथ लाया। पहले बेटे का नाम जैरसोम यानी ‘अजनबी मुल्क में परदेसी’ था, क्योंकि जब वह पैदा हुआ तो मूसा ने कहा था, “मैं अजनबी मुल्क में परदेसी हूँ।”
2004  EXO 18:4  दूसरे बेटे का नाम इलियज़र यानी ‘मेरा ख़ुदा मददगार है’ था, क्योंकि जब वह पैदा हुआ तो मूसा ने कहा था, “मेरे बाप के ख़ुदा ने मेरी मदद करके मुझे फ़िरौन की तलवार से बचाया है।”
2031  EXO 19:4  ‘तुमने देखा है कि मैंने मिसरियों के साथ क्या कुछ किया, और कि मैं तुमको उक़ाब के परों पर उठाकर यहाँ अपने पास लाया हूँ।
2074  EXO 20:22  तब रब ने मूसा से कहा, “इसराईलियों को बता, ‘तुमने ख़ुद देखा कि मैंने आसमान पर से तुम्हारे साथ बातें की हैं।
2080  EXO 21:2  ‘अगर तू इबरानी ग़ुलाम ख़रीदे तो वह छः साल तेरा ग़ुलाम रहे। इसके बाद लाज़िम है कि उसे आज़ाद कर दिया जाए। आज़ाद होने के लिए उसे पैसे देने की ज़रूरत नहीं होगी।