Wildebeest analysis examples for:   urd-urdgvh   Word?’    February 11, 2023 at 19:52    Script wb_pprint_html.py   by Ulf Hermjakob

438  GEN 18:13  रब ने इब्राहीम से पूछा, “सारा क्यों हँस रही है? वह क्यों कह रही है, ‘क्या वाक़ई मेरे हाँ बच्चा पैदा होगा जबकि मैं इतनी उम्ररसीदा हूँ?’
639  GEN 24:47  फिर मैंने उससे पूछा, ‘आप किसकी बेटी हैं?’ उसने जवाब दिया, ‘मेरा बाप बतुएल है। वह नहूर और मिलकाह का बेटा है।’ फिर मैंने उस की नाक में नथ और उस की कलाइयों में कंगन पहना दिए।
946  GEN 32:18  जो नौकर पहले रेवड़ लेकर आगे निकला उससे याक़ूब ने कहा, “मेरा भाई एसौ तुमसे मिलेगा और पूछेगा, ‘तुम्हारा मालिक कौन है? तुम कहाँ जा रहे हो? तुम्हारे सामने के जानवर किसके हैं?’
1298  GEN 43:7  उन्होंने जवाब दिया, “वह आदमी हमारे और हमारे ख़ानदान के बारे में पूछता रहा, ‘क्या तुम्हारा बाप अब तक ज़िंदा है? क्या तुम्हारा कोई और भाई है?’ फिर हमें जवाब देना पड़ा। हमें क्या पता था कि वह हमें अपने भाई को साथ लाने को कहेगा।”
1344  GEN 44:19  जनाबे-आली, आपने हमसे पूछा, ‘क्या तुम्हारा बाप या कोई और भाई है?’
1593  EXO 3:13  लेकिन मूसा ने एतराज़ किया, “अगर मैं इसराईलियों के पास जाकर उन्हें बताऊँ कि तुम्हारे बापदादा के ख़ुदा ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है तो वह पूछेंगे, ‘उसका नाम क्या है?’ फिर मैं उनको क्या जवाब दूँ?”
3490  LEV 25:20  हो सकता है कोई पूछे, ‘हम सातवें साल में क्या खाएँगे जबकि हम बीज नहीं बोएँगे और फ़सल नहीं काटेंगे?’
5705  DEU 29:23  तमाम क़ौमें पूछेंगी, ‘रब ने इस मुल्क के साथ ऐसा क्यों किया? उसके सख़्त ग़ज़ब की क्या वजह थी?’
5722  DEU 30:12  वह आसमान पर नहीं हैं कि तू कहे, ‘कौन आसमान पर चढ़कर हमारे लिए यह अहकाम नीचे ले आए ताकि हम उन्हें सुन सकें और उन पर अमल कर सकें?’
5723  DEU 30:13  वह समुंदर के पार भी नहीं हैं कि तू कहे, ‘कौन समुंदर को पार करके हमारे लिए यह अहकाम लाएगा ताकि हम उन्हें सुन सकें और उन पर अमल कर सकें?’
5747  DEU 31:17  फिर मेरा ग़ज़ब उन पर भड़केगा। मैं उन्हें छोड़कर अपना चेहरा उनसे छुपा लूँगा। तब उन्हें कच्चा चबा लिया जाएगा और बहुत सारी हैबतनाक मुसीबतें उन पर आएँगी। उस वक़्त वह कहेंगे, ‘क्या यह मुसीबतें इस वजह से हम पर नहीं आईं कि रब हमारे साथ नहीं है?’
6653  JDG 5:28  सीसरा की माँ ने खिड़की में से झाँका और दरीचे में से देखती देखती रोती रही, ‘उसके रथ के पहुँचने में इतनी देर क्यों हो रही है? रथों की आवाज़ अब तक क्यों सुनाई नहीं दे रही?’
6794  JDG 9:38  फिर ज़बूल ने उससे कहा, “अब तेरी बड़ी बड़ी बातें कहाँ रहीं? क्या तूने नहीं कहा था, ‘अबीमलिक कौन है कि हम उसके ताबे रहें?’ अब यह लोग आ गए हैं जिनका मज़ाक़ तूने उड़ाया। जा, शहर से निकलकर उनसे लड़!”
7389  1SA 8:18  तब आप पछताकर कहेंगे, ‘हमने बादशाह का तक़ाज़ा क्यों किया?’ लेकिन जब आप रब के हुज़ूर चीख़ते-चिल्लाते मदद चाहेंगे तो वह आपकी नहीं सुनेगा।”
7422  1SA 10:2  मेरे पास से चले जाने के बाद जब आप बिनयमीन की सरहद के शहर ज़िलज़ख़ के क़रीब राख़िल की क़ब्र के पास से गुज़रेंगे तो आपकी मुलाक़ात दो आदमियों से होगी। वह आपसे कहेंगे, ‘जो गधियाँ आप ढूँडने गए वह मिल गई हैं। और अब आपके बाप गधियों की नहीं बल्कि आपकी फ़िकर कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि मैं किस तरह अपने बेटे का पता करूँ?’
8033  2SA 1:8  उसने पूछा, ‘तुम कौन हो?’ मैंने जवाब दिया, ‘मैं अमालीक़ी हूँ।’
8190  2SA 7:7  जिस दौरान मैं तमाम इसराईलियों के साथ इधर उधर फिरता रहा क्या मैंने इसराईल के उन राहनुमाओं से कभी इस नाते से शिकायत की जिन्हें मैंने अपनी क़ौम की गल्लाबानी करने का हुक्म दिया था? क्या मैंने उनमें से किसी से कहा कि तुमने मेरे लिए देवदार का घर क्यों नहीं बनाया?’
8283  2SA 11:21  क्या आपको याद नहीं कि क़दीम ज़माने में जिदौन के बेटे अबीमलिक के साथ क्या हुआ? तैबिज़ शहर में एक औरत ही ने उसे मार डाला। और वजह यह थी कि वह क़िले के इतने क़रीब आ गया था कि औरत दीवार पर से चक्की का ऊपर का पाट उस पर फेंक सकी। शहर की फ़सील के इस क़दर क़रीब लड़ने की क्या ज़रूरत थी?’ अगर बादशाह आप पर ऐसे इलज़ामात लगाएँ तो जवाब में बस इतना ही कह देना, ‘ऊरियाह हित्ती भी मारा गया है’।”
8733  1KI 1:13  दाऊद बादशाह के पास जाकर उसे बता देना, ‘ऐ मेरे आक़ा और बादशाह, क्या आपने क़सम खाकर मुझसे वादा नहीं किया था कि तेरा बेटा सुलेमान मेरे बाद तख़्तनशीन होगा? तो फिर अदूनियाह क्यों बादशाह बन गया है?’
8815  1KI 2:42  तब उसने उसे बुलाकर पूछा, “क्या मैंने आपको आगाह करके नहीं कहा था कि यक़ीन जानें कि ज्योंही आप यरूशलम से निकलेंगे आपको मार दिया जाएगा, ख़ाह आप कहीं भी जाना चाहें। और क्या आपने जवाब में रब की क़सम खाकर नहीं कहा था, ‘ठीक है, मैं ऐसा ही करूँगा?’
9062  1KI 9:8  इस शानदार घर की बुरी हालत देखकर यहाँ से गुज़रनेवाले तमाम लोगों के रोंगटे खड़े हो जाएंगे, और वह अपनी हिक़ारत का इज़हार करके पूछेंगे, ‘रब ने इस मुल्क और इस घर से ऐसा सुलूक क्यों किया?’
9503  1KI 22:20  रब ने पूछा, ‘कौन अख़ियब को रामात-जिलियाद पर हमला करने पर उकसाएगा ताकि वह वहाँ जाकर मर जाए?’ एक ने यह मशवरा दिया, दूसरे ने वह।
9505  1KI 22:22  रब ने सवाल किया, ‘किस तरह?’ रूह ने जवाब दिया, ‘मैं निकलकर उसके तमाम नबियों पर यों क़ाबू पाऊँगी कि वह झूट ही बोलेंगे।’ रब ने फ़रमाया, ‘तू कामयाब होगी। जा और यों ही कर!’
10874  1CH 17:6  जिस दौरान मैं तमाम इसराईलियों के साथ इधर उधर फिरता रहा क्या मैंने इसराईल के उन राहनुमाओं से कभी इस नाते से शिकायत की जिन्हें मैंने अपनी क़ौम की गल्लाबानी करने का हुक्म दिया था? क्या मैंने उनमें से किसी से कहा कि तुमने मेरे लिए देवदार का घर क्यों नहीं बनाया?’
11350  2CH 7:21  इस शानदार घर की बुरी हालत देखकर यहाँ से गुज़रनेवाले तमाम लोगों के रोंगटे खड़े हो जाएंगे, और वह पूछेंगे, ‘रब ने इस मुल्क और इस घर से ऐसा सुलूक क्यों किया?’
11566  2CH 18:19  रब ने पूछा, ‘कौन इसराईल के बादशाह अख़ियब को रामात-जिलियाद पर हमला करने पर उकसाएगा ताकि वह वहाँ जाकर मर जाए?’ एक ने यह मशवरा दिया, दूसरे ने वह।
11567  2CH 18:20  आख़िरकार एक रूह रब के सामने खड़ी हुई और कहने लगी, ‘मैं उसे उकसाऊँगी’। रब ने सवाल किया, ‘किस तरह?’
12148  EZR 5:9  हमने बुज़ुर्गों से पूछा, ‘किसने आपको यह घर बनाने और इसका ढाँचा तकमील तक पहुँचाने की इजाज़त दी है?’
12951  JOB 4:17  ‘क्या इनसान अल्लाह के हुज़ूर रास्तबाज़ ठहर सकता है, क्या इनसान अपने ख़ालिक़ के सामने पाक-साफ़ ठहर सकता है?’
13067  JOB 9:12  अगर वह कुछ छीन ले तो कौन उसे रोकेगा? कौन उससे कहेगा, ‘तू क्या कर रहा है?’
13337  JOB 20:7  ताहम वह अपने फ़ुज़्ले की तरह अबद तक तबाह हो जाएगा। जिन्होंने उसे पहले देखा था वह पूछेंगे, ‘अब वह कहाँ है?’
13374  JOB 21:15  क़ादिरे-मुतलक़ कौन है कि हम उस की ख़िदमत करें? उससे दुआ करने से हमें क्या फ़ायदा होगा?’
13410  JOB 22:17  उन्होंने अल्लाह से कहा, ‘हमसे दूर हो जा,’ और ‘क़ादिरे-मुतलक़ हमारे लिए क्या कुछ कर सकता है?’
13727  JOB 35:3  या यह कि ‘मुझे क्या फ़ायदा है, गुनाह न करने से मुझे क्या नफ़ा होता है?’
13735  JOB 35:11  जो हमें ज़मीन पर चलनेवाले जानवरों की निसबत ज़्यादा तालीम देता, हमें परिंदों से ज़्यादा दानिशमंद बनाता है?’
13929  JOB 42:3  तूने फ़रमाया, ‘यह कौन है जो समझ से ख़ाली बातें करने से मेरे मनसूबे के सहीह मतलब पर परदा डालता है?’ यक़ीनन मैंने ऐसी बातें बयान कीं जो मेरी समझ से बाहर हैं, ऐसी बातें जो इतनी अनोखी हैं कि मैं उनका इल्म रख ही नहीं सकता।
18015  ISA 14:17  क्या इसी ने दुनिया को वीरान कर दिया और उसके शहरों को ढाकर क़ैदियों को घर वापस जाने की इजाज़त न दी?’
18859  ISA 58:3  वह शिकायत करते हैं, ‘जब हम रोज़ा रखते हैं तो तू तवज्जुह क्यों नहीं देता? जब हम अपने आपको ख़ाकसार बनाकर इंकिसारी का इज़हार करते हैं तो तू ध्यान क्यों नहीं देता?’ सुनो! रोज़ा रखते वक़्त तुम अपना कारोबार मामूल के मुताबिक़ चलाकर अपने मज़दूरों को दबाए रखते हो।
19065  JER 2:31  ऐ मौजूदा नसल, रब के कलाम पर ध्यान दो! क्या मैं इसराईल के लिए रेगिस्तान या तारीकतरीन इलाक़े की मानिंद था? मेरी क़ौम क्यों कहती है, ‘अब हम आज़ादी से इधर उधर फिर सकते हैं, आइंदा हम तेरे हुज़ूर नहीं आएँगे?’
19076  JER 3:5  क्या तू हमेशा तक मेरे साथ नाराज़ रहेगा? क्या तेरा क़हर कभी ठंडा नहीं होगा?’ यही तेरे अपने अलफ़ाज़ हैं, लेकिन साथ साथ तू ग़लत काम करने की हर मुमकिन कोशिश करती रहती है।”
19386  JER 15:2  अगर वह तुझसे पूछें, ‘हम किधर जाएँ?’ तो उन्हें जवाब दे, ‘रब फ़रमाता है कि जिसे मरना है वह मरे, जिसे तलवार की ज़द में आना है वह तलवार का लुक़मा बने, जिसे भूके मरना है वह भूके मरे, जिसे क़ैद में जाना है वह क़ैद हो जाए’।”
19415  JER 16:10  जब तू इस क़ौम को यह सब कुछ बताएगा तो लोग पूछेंगे, ‘रब इतनी बड़ी आफ़त हम पर लाने पर क्यों तुला हुआ है? हमसे क्या जुर्म हुआ है? हमने रब अपने ख़ुदा का क्या गुनाह किया है?’
19586  JER 23:33  “ऐ यरमियाह, अगर इस क़ौम के आम लोग या इमाम या नबी तुझसे पूछें, ‘आज रब ने तुझ पर कलाम का क्या बोझ नाज़िल किया है?’ तो जवाब दे, ‘रब फ़रमाता है कि तुम ही मुझ पर बोझ हो! लेकिन मैं तुम्हें उतार फेंकूँगा।’
19588  JER 23:35  इसके बजाए एक दूसरे से सवाल करो कि ‘रब ने क्या जवाब दिया?’ या ‘रब ने क्या फ़रमाया?’
19590  JER 23:37  चुनाँचे आइंदा नबी से सिर्फ़ इतना ही पूछो कि ‘रब ने तुझे क्या जवाब दिया?’ या ‘रब ने क्या फ़रमाया?’
19940  JER 36:29  साथ साथ यहूयक़ीम के बारे में एलान कर कि रब फ़रमाता है, ‘तूने तूमार को जलाकर यरमियाह से शिकायत की कि तूने इस किताब में क्यों लिखा है कि शाहे-बाबल ज़रूर आकर इस मुल्क को तबाह करेगा, और इसमें न इनसान, न हैवान रहेगा?’
20906  EZK 17:12  “इस सरकश क़ौम से पूछ, ‘क्या तुझे इस तमसील की समझ नहीं आई?’ तब उन्हें इसका मतलब समझा दे। ‘बाबल के बादशाह ने यरूशलम पर हमला किया। वह उसके बादशाह और अफ़सरों को गिरिफ़्तार करके अपने मुल्क में ले गया।
21020  EZK 21:12  जब वह तुझसे पूछें, ‘आप क्यों कराह रहे हैं?’ तो उन्हें जवाब दे, ‘मुझे एक हौलनाक ख़बर का इल्म है जो अभी आनेवाली है। जब यहाँ पहुँचेगी तो हर एक की हिम्मत टूट जाएगी और हर हाथ बेहिसो-हरकत हो जाएगा। हर जान हौसला हारेगी और हर घुटना डाँवाँडोल हो जाएगा। रब क़ादिरे-मुतलक़ फ़रमाता है कि इस ख़बर का वक़्त क़रीब आ गया है, जो कुछ पेश आना है वह जल्द ही पेश आएगा’।”
21359  EZK 33:10  ऐ आदमज़ाद, इसराईलियों को बता, तुम आहें भर भरकर कहते हो, ‘हाय हम अपने जरायम और गुनाहों के बाइस गल-सड़कर तबाह हो रहे हैं। हम किस तरह जीते रहें?’
21360  EZK 33:11  लेकिन रब क़ादिरे-मुतलक़ फ़रमाता है, ‘मेरी हयात की क़सम, मैं बेदीन की मौत से ख़ुश नहीं होता बल्कि मैं चाहता हूँ कि वह अपनी ग़लत राह से हटकर ज़िंदा रहे। चुनाँचे तौबा करो! अपनी ग़लत राहों को तर्क करके वापस आओ! ऐ इसराईली क़ौम, क्या ज़रूरत है कि तू मर जाए?’
21375  EZK 33:26  तुम अपनी तलवार पर भरोसा रखकर क़ाबिले-घिन हरकतें करते हो, हत्ता कि हर एक अपने पड़ोसी की बीवी से ज़िना करता है। तो फिर मुल्क किस तरह तुम्हें हासिल हो सकता है?’
21484  EZK 37:18  तेरे हमवतन तुझसे पूछेंगे, ‘क्या आप हमें इसका मतलब नहीं बताएँगे?’
21507  EZK 38:13  सबा, ददान और तरसीस के ताजिर और बुज़ुर्ग पूछेंगे कि क्या तूने वाक़ई अपने फ़ौजियों को लूट-मार के लिए इकट्ठा कर लिया है? क्या तू वाक़ई सोना-चाँदी, माल-मवेशी और बाक़ी बहुत-सी दौलत छीनना चाहता है?’
22359  HOS 14:9  तब इसराईल कहेगा, ‘मेरा बुतों से क्या वास्ता?’ मैं ही तेरी सुनकर तेरी देख-भाल करूँगा। मैं जूनीपर का सायादार दरख़्त हूँ, और तू मुझसे ही फल पाएगा।”
22823  HAB 2:6  लेकिन यह सब उसका मज़ाक़ उड़ाकर उसे लान-तान करेंगी। वह कहेंगी, ‘उस पर अफ़सोस जो दूसरों की चीज़ें छीनकर अपनी मिलकियत में इज़ाफ़ा करता है, जो क़र्ज़दारों की ज़मानत पर क़ब्ज़ा करने से दौलतमंद हो गया है। यह काररवाई कब तक जारी रहेगी?’
23164  MAL 1:6  रब्बुल-अफ़वाज फ़रमाता है, “ऐ इमामो, बेटा अपने बाप का और नौकर अपने मालिक का एहतराम करता है। लेकिन मेरा एहतराम कौन करता है, गो मैं तुम्हारा बाप हूँ? मेरा ख़ौफ़ कौन मानता है, गो मैं तुम्हारा मालिक हूँ? हक़ीक़त यह है कि तुम मेरे नाम को हक़ीर जानते हो। लेकिन तुम एतराज़ करते हो, ‘हम किस तरह तेरे नाम को हक़ीर जानते हैं?’
23165  MAL 1:7  इसमें कि तुम मेरी क़ुरबानगाह पर नापाक ख़ुराक रख देते हो। तुम पूछते हो, ‘हमने तुझे किस बात में नापाक किया है?’ इसमें कि तुम रब की मेज़ को क़ाबिले-तहक़ीर क़रार देते हो।
23196  MAL 3:7  अपने बापदादा के ज़माने से लेकर आज तक तुमने मेरे अहकाम से दूर रहकर उन पर ध्यान नहीं दिया। रब्बुल-अफ़वाज फ़रमाता है कि मेरे पास वापस आओ! तब मैं भी तुम्हारे पास वापस आऊँगा। लेकिन तुम एतराज़ करते हो, ‘हम क्यों वापस आएँ, हमसे क्या सरज़द हुआ है?’
23197  MAL 3:8  क्या मुनासिब है कि इनसान अल्लाह को ठगे? हरगिज़ नहीं! लेकिन तुम लोग यही कुछ कर रहे हो। तुम पूछते हो, ‘हम किस तरह तुझे ठगते हैं?’ इसमें कि तुम मुझे अपनी पैदावार का दसवाँ हिस्सा नहीं देते। नीज़, तुम इमामों को क़ुरबानियों का वह हिस्सा नहीं देते जो उनका हक़ बनता है।
23202  MAL 3:13  रब फ़रमाता है, “तुम मेरे बारे में कुफ़र बकते हो। तुम कहते हो, ‘हम क्योंकर कुफ़र बकते हैं?’
23382  MAT 6:31  चुनाँचे परेशानी के आलम में फ़िकर करते करते यह न कहते रहो, ‘हम क्या खाएँ? हम क्या पिएँ? हम क्या पहनें?’
23407  MAT 7:22  अदालत के दिन बहुत-से लोग मुझसे कहेंगे, ‘ऐ ख़ुदावंद, ख़ुदावंद! क्या हमने तेरे ही नाम में नबुव्वत नहीं की, तेरे ही नाम से बदरूहें नहीं निकालीं, तेरे ही नाम से मोजिज़े नहीं किए?’
23635  MAT 13:27  नौकर मालिक के पास आए और कहने लगे, ‘जनाब, क्या आपने अपने खेत में अच्छा बीज नहीं बोया था? तो फिर यह ख़ुदरौ पौदे कहाँ से आ गए हैं?’
23636  MAT 13:28  उसने जवाब दिया, ‘किसी दुश्मन ने यह कर दिया है।’ नौकरों ने पूछा, ‘क्या हम जाकर उन्हें उखाड़ें?’
23829  MAT 18:33  क्या लाज़िम न था कि तू भी अपने साथी नौकर पर उतना रहम करता जितना मैंने तुझ पर किया था?’
23867  MAT 20:6  फिर शाम के पाँच बज गए। वह निकला तो देखा कि अभी तक कुछ लोग फ़ारिग़ बैठे हैं। उसने उनसे पूछा, ‘तुम क्यों पूरा दिन फ़ारिग़ बैठे रहे हो?’
23876  MAT 20:15  क्या मेरा हक़ नहीं कि मैं जैसा चाहूँ अपने पैसे ख़र्च करूँ? या क्या तू इसलिए हसद करता है कि मैं फ़ैयाज़दिल हूँ?’
23920  MAT 21:25  मुझे बताओ कि यहया का बपतिस्मा कहाँ से था—क्या वह आसमानी था या इनसानी?” वह आपस में बहस करने लगे, “अगर हम कहें ‘आसमानी’ तो वह पूछेगा, ‘तो फिर तुम उस पर ईमान क्यों न लाए?’
23953  MAT 22:12  बादशाह ने पूछा, ‘दोस्त, तुम शादी का लिबास पहने बग़ैर अंदर किस तरह आए?’ वह आदमी कोई जवाब न दे सका।
24116  MAT 25:39  हम आपको कब बीमार हालत में या जेल में पड़ा देखकर आपसे मिलने गए?’
24121  MAT 25:44  फिर वह जवाब में पूछेंगे, ‘ख़ुदावंद, हमने आपको कब भूका, प्यासा, अजनबी, नंगा, बीमार या जेल में पड़ा देखा और आपकी ख़िदमत न की?’
24740  MRK 11:31  वह आपस में बहस करने लगे, “अगर हम कहें ‘आसमानी’ तो वह पूछेगा, ‘तो फिर तुम उस पर ईमान क्यों न लाए?’
24837  MRK 14:14  जिस घर में वह दाख़िल हो उसके मालिक से कहना, ‘उस्ताद आपसे पूछते हैं कि वह कमरा कहाँ है जहाँ मैं अपने शागिर्दों के साथ फ़सह का खाना खाऊँ?’
25548  LUK 12:20  लेकिन अल्लाह ने उससे कहा, ‘अहमक़! इसी रात तू मर जाएगा। तो फिर जो चीज़ें तूने जमा की हैं वह किसकी होंगी?’
25594  LUK 13:7  यह देखकर उसने माली से कहा, ‘मैं तीन साल से इसका फल तोड़ने आता हूँ, लेकिन आज तक कुछ भी नहीं मिला। इसे काट डाल। यह ज़मीन की ताक़त क्यों ख़त्म करे?’
25683  LUK 15:26  उसने किसी नौकर को बुलाकर पूछा, ‘यह क्या हो रहा है?’
25694  LUK 16:5  यह कहकर उसने अपने मालिक के तमाम क़र्ज़दारों को बुलाया। पहले से उसने पूछा, ‘तुम्हारा क़र्ज़ा कितना है?’
25696  LUK 16:7  दूसरे से उसने पूछा, ‘तुम्हारा कितना क़र्ज़ा है?’ उसने जवाब दिया, ‘मुझे गंदुम की हज़ार बोरियाँ वापस करनी हैं।’ मुलाज़िम ने कहा, ‘अपना बिल ले लो और हज़ार के बदले आठ सौ लिख लो।’
25727  LUK 17:7  फ़र्ज़ करो कि तुममें से किसी ने हल चलाने या जानवर चराने के लिए एक ग़ुलाम रखा है। जब यह ग़ुलाम खेत से घर आएगा तो क्या उसका मालिक कहेगा, ‘इधर आओ, खाने के लिए बैठ जाओ?’
25853  LUK 20:5  वह आपस में बहस करने लगे, “अगर हम कहें ‘आसमानी’ तो वह पूछेगा, ‘तो फिर तुम उस पर ईमान क्यों न लाए?’
25944  LUK 22:11  वहाँ के मालिक से कहना, ‘उस्ताद आपसे पूछते हैं कि वह कमरा कहाँ है जहाँ मैं अपने शागिर्दों के साथ फ़सह का खाना खाऊँ?’
26800  JHN 16:5  लेकिन अब मैं उसके पास जा रहा हूँ जिसने मुझे भेजा है। तो भी तुममें से कोई मुझसे नहीं पूछता, ‘आप कहाँ जा रहे हैं?’
27211  ACT 7:26  अगले दिन वह दो इसराईलियों के पास से गुज़रा जो आपस में लड़ रहे थे। उसने सुलह कराने की कोशिश में कहा, ‘मर्दो, आप तो भाई हैं। आप क्यों एक दूसरे से ग़लत सुलूक कर रहे हैं?’
27213  ACT 7:28  क्या आप मुझे भी क़त्ल करना चाहते हैं जिस तरह कल मिसरी को मार डाला था?’
27220  ACT 7:35  यों अल्लाह ने उस शख़्स को उनके पास भेज दिया जिसे वह यह कहकर रद्द कर चुके थे कि ‘किसने आपको हम पर हुक्मरान और क़ाज़ी मुक़र्रर किया है?’ जलती हुई काँटेदार झाड़ी में मौजूद फ़रिश्ते की मारिफ़त अल्लाह ने मूसा को उनके पास भेज दिया ताकि वह उनका हुक्मरान और नजातदहिंदा बन जाए।
27235  ACT 7:50  क्या मेरे हाथ ने यह सब कुछ नहीं बनाया?’
27779  ACT 22:7  मैं ज़मीन पर गिर पड़ा तो एक आवाज़ सुनाई दी, ‘साऊल, साऊल, तू मुझे क्यों सताता है?’
27780  ACT 22:8  मैंने पूछा, ‘ख़ुदावंद, आप कौन हैं?’ आवाज़ ने जवाब दिया, ‘मैं ईसा नासरी हूँ जिसे तू सताता है।’
27782  ACT 22:10  मैंने पूछा, ‘ख़ुदावंद, मैं क्या करूँ?’ ख़ुदावंद ने जवाब दिया, ‘उठकर दमिश्क़ में जा। वहाँ तुझे वह सारा काम बताया जाएगा जो अल्लाह तेरे ज़िम्मे लगाने का इरादा रखता है।’
27884  ACT 25:20  मैं उलझन में पड़ गया क्योंकि मुझे मालूम नहीं था कि किस तरह इस मामले का सहीह जायज़ा लूँ। चुनाँचे मैंने पूछा, ‘क्या आप यरूशलम जाकर वहाँ अदालत में पेश किए जाने के लिए तैयार हैं?’
27906  ACT 26:15  मैंने पूछा, ‘ख़ुदावंद, आप कौन हैं?’ ख़ुदावंद ने जवाब दिया, ‘मैं ईसा हूँ, वही जिसे तू सताता है।
28262  ROM 10:6  लेकिन जो रास्तबाज़ी ईमान से हासिल होती है वह कहती है, “अपने दिल में न कहना कि ‘कौन आसमान पर चढ़ेगा?’ (ताकि मसीह को नीचे ले आए)।
28263  ROM 10:7  यह भी न कहना कि ‘कौन पाताल में उतरेगा?’ (ताकि मसीह को मुरदों में से वापस ले आए)।”